Man in handcuffs

सिरसा/झज्जर: झज्जर के रोहद टोल प्लाजा के पास 25 हजार जिंदा कारतूस बरामद होने के मामले में रोहतक STF की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में सिरसा के महक गन हाउस के मालिक आरोपी विजय मलिक की भूमिका सामने आई है। पुलिस को शक है कि विजय के तार कारतूसों की खेप मंगवाने वाले नेटवर्क के सरगना से जुड़े हुए हैं। STF अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, विजय पंचकूला, चंडीगढ़ और हरियाणा के अन्य स्थानों से कारतूस खरीदकर लाता था। आरोप है कि वह अधिक मुनाफे के लालच में कारतूसों की खरीद-फरोख्त करता था। जांच में इस नेटवर्क में 4 से 5 अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, विजय के पास न तो संबंधित लाइसेंस मिला है और न ही फर्म रजिस्टर्ड पाई गई है।

STF यह पता लगाने में जुटी है कि विजय की नेटवर्क के सरगना से पहचान कैसे हुई, वह अब तक कितने कारतूस बेच चुका है और किन लोगों को सप्लाई कर चुका है। इसके अलावा 25 हजार कारतूस की डील किसने कराई और इसके लिए कितनी रकम तय हुई थी, इसकी भी जांच की जा रही है।

रिमांड खत्म होने पर दोबारा मांगा जा सकता है पुलिस रिमांड

पुलिस के अनुसार, आरोपी विजय मलिक पूछताछ में ज्यादा जानकारी नहीं दे रहा है। उसका दो दिन का पुलिस रिमांड शनिवार को खत्म हो रहा है। इसके बाद STF उसे अदालत में पेश कर दो से तीन दिन का अतिरिक्त रिमांड मांग सकती है। जांच एजेंसी का उद्देश्य कारतूसों की खरीद, सप्लाई और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है।

करीब 50 साल पुराना बताया जा रहा गन हाउस

जांच में सामने आया है कि आरोपी से जुड़ा गन हाउस करीब 50 साल पुराना बताया जा रहा है। समय-समय पर फर्म के नाम बदले गए। फिलहाल बालाजी गन हाउस और महक गन हाउस नाम से दो फर्म चलने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, विजय अक्सर दुकान बंद रखता था। जानकारों या अन्य लोगों के फोन आने पर मांग के अनुसार कारतूस उपलब्ध कराता था। STF अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन दुकानों के माध्यम से कितने कारतूसों की बिक्री हुई और बाकी सप्लाई कहां की गई।

नोहरिया बाजार में तीन मंजिला मकान में दुकानें

विजय मलिक का सिरसा में घंटाघर चौक के पास नोहरिया बाजार में तीन मंजिला मकान है। इसी मकान में बालाजी गन हाउस और महक गन हाउस नाम से दुकानें संचालित होने की जानकारी है। बताया गया है कि उसकी पत्नी की काफी समय पहले मौत हो चुकी है और उसकी दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। उसकी बुजुर्ग मां भी इसी मकान में रहती है।

सूत्रों के मुताबिक, विजय दोनों दुकानों पर किसी कर्मचारी को नहीं रखता था और खुद ही कारतूस व अन्य सामान बेचता था। आसपास के दुकानदारों ने भी उसे दुकान पर बहुत कम देखने की बात कही है।

STF अब 25 हजार कारतूस की बरामदगी के मामले में सप्लायर, खरीदारों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!