पंचकूला। पेपर लीक, नकल और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने केंद्र सरकार के Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Act, 2026 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके तहत अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों को 5 से 10 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है।
उच्च शिक्षा महानिदेशक (DGHE) पंचकूला एस. नारायणन की ओर से जारी परिपत्र में सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों, NCC कमांडिंग अधिकारियों और जिला व उपमंडल पुस्तकालयों के अध्यक्षों को कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री कार्यालय से मिले निर्देशों के बाद की गई है।
नकल और पेपर लीक पर 5 से 10 साल की जेल
संशोधित केंद्रीय कानून के अनुसार, परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है। इसके साथ ₹50 लाख तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इसमें परीक्षा से जुड़ी धांधली और कानून के दायरे में आने वाले अनुचित तरीकों के मामलों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
संगठित पेपर लीक गिरोह पर ₹10 करोड़ तक नहीं, न्यूनतम ₹10 करोड़ जुर्माना
यदि कोई व्यक्ति, समूह, परीक्षा प्राधिकरण, सेवा प्रदाता या संस्थान संगठित अपराध में शामिल पाया जाता है तो उसके लिए कम से कम 7 साल और अधिकतम 10 साल की जेल का प्रावधान है। ऐसे मामलों में जुर्माना कम से कम ₹10 करोड़ होगा। संगठित अपराध में शामिल संस्थान की संपत्ति जब्त करने और परीक्षा की लागत वसूलने का भी प्रावधान है।
परीक्षा कराने वाली कंपनियों पर ₹5 करोड़ तक जुर्माना
यदि परीक्षा आयोजित करने वाली सेवा प्रदाता कंपनी अनुचित साधनों में शामिल पाई जाती है तो उस पर ₹5 करोड़ तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा परीक्षा आयोजित कराने का आनुपातिक खर्च भी वसूला जा सकता है और संबंधित कंपनी को 8 साल तक किसी सार्वजनिक परीक्षा की जिम्मेदारी देने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
यदि कंपनी के निदेशक या वरिष्ठ प्रबंधन की मिलीभगत साबित होती है तो उनके लिए भी 5 से 10 साल तक की जेल और ₹5 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है।
सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती
केंद्रीय कानून के तहत इसके दायरे में आने वाले अपराध संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-शमनीय हैं। यानी ऐसे मामलों में पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है और अपराधों को सामान्य प्रक्रिया से वापस नहीं लिया जा सकता।
हरियाणा के शिक्षण संस्थानों को जारी हुए निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों, NCC इकाइयों और जिला व उपमंडल पुस्तकालयों को संशोधित कानून के प्रावधानों की जानकारी देने और उनका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और नकल व पेपर लीक जैसी गतिविधियों पर रोक ल
