झज्जर जिले के बादली हलके की राजनीति में लंबे समय से चल रही बयानबाजी अब कानूनी विवाद में बदलती नजर आ रही है। मौजूदा कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने पूर्व विधायक नरेश शर्मा को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है।

नोटिस में सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया गया है। साथ ही इसमें सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

मामला अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है, जिससे बादली क्षेत्र की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।

झज्जर जिले के बादली हलके की राजनीति में चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है।

विधायक कुलदीप वत्स की ओर से भेजे गए नोटिस के अनुसार, 16 मार्च 2026 को हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर पूर्व विधायक नरेश शर्मा ने सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और यूट्यूब पर गंभीर आरोप लगाए। इनमें कहा गया था कि विधायक पर राज्यसभा चुनाव में पैसे लेकर वोट प्रभावित करने या वोट रद्द करवाने जैसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।

विधायक पक्ष का कहना है कि इन आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और इन्हें केवल उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से फैलाया गया है। इसी कारण 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कानूनी नोटिस में 17 मार्च, 19 मार्च और 5 अप्रैल 2026 को की गई फेसबुक पोस्ट और यूट्यूब वीडियो का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन पोस्ट और वीडियो के जरिए लगातार एक ही तरह के आरोप दोहराए गए, जिससे न केवल विधायक की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति भी उत्पन्न हुई। नोटिस में इसे सुनियोजित तरीके से छवि धूमिल करने की कोशिश बताया गया है।

नोटिस के माध्यम से पूर्व विधायक नरेश शर्मा को 48 घंटे के भीतर सभी कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो हटाने, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और 5 करोड़ रुपए का हर्जाना अदा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा के भीतर इन शर्तों का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ दीवानी और आपराधिक मुकदमा दायर किया जाएगा।

बादली हल्के की राजनीति में कुलदीप वत्स और नरेश शर्मा के बीच टकराव कोई नया नहीं है। कुलदीप वत्स कांग्रेस से दो बार विधायक रह चुके हैं, जबकि नरेश शर्मा भी इसी हल्के से दो बार विधायक रहे हैं—एक बार निर्दलीय और एक बार कांग्रेस से। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और बयानबाजी चलती रही है।

बताया जाता है कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा के लोकसभा चुनाव के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच खुला टकराव देखने को मिला था, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया था। मौजूदा घटनाक्रम को उसी कड़ी का विस्तार माना जा रहा है।

इस पूरे मामले में अब सभी की नजर पूर्व विधायक नरेश शर्मा के जवाब पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि वे इस नोटिस का किस तरह से जवाब देते हैं—क्या वे अपने आरोपों पर कायम रहते हैं या फिर माफी का रास्ता अपनाते हैं। फिलहाल, इस नोटिस के बाद बादली हल्के की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है और सियासी हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नरेश शर्मा से हुई बातचित में बताया कि आने वाले दो दिन में बयाज समेत जवाब देगें।

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