हरियाणा के पानीपत में आसाराम केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला को पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महेंद्र ने एक सरपंच से केस में समझौता कराने के नाम पर 70 लाख रुपए हड़प लिए और इसके बाद भी 80 लाख रुपए की अतिरिक्त डिमांड करता रहा।
मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि इस साजिश में महेंद्र का पूरा परिवार शामिल बताया जा रहा है। पुलिस ने महेंद्र के भाई देवेंद्र और भतीजे राम को भी गिरफ्तार किया है, जबकि मां गोपाली देवी के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता भगत सिंह के अनुसार, दिसंबर 2025 में इस पूरे खेल की शुरुआत हुई। महेंद्र की मां गोपाली देवी उनके पास पहुंचीं और कहा कि कोर्ट केस में काफी खर्च हो चुका है। उन्होंने सरपंच से पैसे दिलाने के बदले कोर्ट में उनके पक्ष में गवाही देने का प्रस्ताव रखा।
इसके बाद भगत सिंह ने सरपंच संजय त्यागी से संपर्क किया। समझौते के तहत 1 मार्च को महेंद्र को 70 लाख रुपए दिए गए। आरोप है कि यह रकम एक मीडिएटर के घर से महेंद्र के भाई और भतीजे ने बैग में लेकर गई, जिसकी CCTV फुटेज भी सामने आई है।
2 मार्च को महेंद्र ने कोर्ट में सरपंच के पक्ष में गवाही दी, लेकिन बाद में 80 लाख रुपए और मांगने लगा। पैसे न मिलने पर उसने 19 मार्च को कोर्ट में अपनी गवाही बदल दी और सभी के खिलाफ बयान दे दिया।
इतना ही नहीं, आरोप है कि महेंद्र ने 5 मार्च को कोर्ट में पेश न होने के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगाया और लगातार दबाव बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश करता रहा।
15 अप्रैल को इस पूरे मामले की शिकायत चांदनी बाग थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
DSP हेडक्वार्टर सतीश वत्स ने बताया कि मामले में वीडियो फुटेज की भी जांच की जा रही है, जिसमें कैश लेन-देन के सबूत होने का दावा किया गया है।
