बीजेपी सरकार से हर वर्ग परेशान है। किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी, दलित, पिछड़े, महिलाएं, गरीब, ग्रामीण और शहरी, सभी इस सरकार की करगुजारियों का शिकार हो रहे हैं। बीजेपी अर्थव्यवस्था और कानून व्यवस्था से लेकर बिजली व्यवस्था तक कुछ भी संभाल नहीं पा रही है। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। हुड्डा अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3 दिनों तक ठप रही बिजली व्यवस्था के लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। क्योंकि यह सरकार एक निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों समेत प्रदेश के एक बड़े वर्ग पर महंगी बिजली की मार मारना चाहती है।
जब हमें गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के निजीकरण की जानकारी मिली थी, तभी इस मुद्दे को लेकर चिंता जाहिर की थी। मैंने खुद विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की मंशा से कार्य कर रही सरकार जानबूझकर इसे नजरअंदाज करती रही, जिसका खामियाजा पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ा।
तीन दिनों तक लोगों को जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई आखिर कौन करेगा?
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि शुरुआत से ही सरकार के मन में खोट था, इसलिए मेरी मांग के बावजूद सरकार ने उस समय इस निजीकरण का विरोध नहीं किया। लेकिन जब कर्मचारियों ने अपनी एकता का परिचय दिया, तो मजबूरी में सरकार कर्मचारियों के साथ खड़े होने का ड्रामा कर रही है। हमें संदेह है कि सरकार फिर से निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए यह फैसला ले सकती है, लेकिन कांग्रेस इसका हर मंच पर विरोध करेगी; क्योंकि अगर बिजली वितरण निजी हाथों में गया, तो किसानों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी।
इस सरकार के दौरान किसानों की हालत पहले ही बहुत खराब है। आज भी मंडियों में किसानों की फसल बिना खरीद के पड़ी हुई है।
बार-बार मांग उठाने के बावजूद सरकार ने धान और बाजरे की खरीद में कोई तेजी नहीं दिखाई और न ही खरीदी गई फसल को मंडियों से समय पर उठाया गया। इसी वजह से दो-दो बार बारिश में किसानों की कई महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई। प्रदेशभर की मंडियों में लाखों मीट्रिक टन धान पानी में डूब गया, जिससे किसानों और आढ़तियों को भारी नुकसान हुआ है।
सरकार जानबूझकर कोशिश कर रही है कि किसानों की फसल एमएसपी (MSP) पर न खरीदनी पड़े, ताकि वे मजबूर होकर अपनी फसल निजी एजेंसियों को कम दामों पर बेच दें। सरकार के इसी रवैये के कारण किसानों को अपना धान एमएसपी से 400 रुपये प्रति क्विंटल और बाजरा एमएसपी से 800-900 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर बेचना पड़ रहा है।
इस मौके पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने दोहराया कि बीजेपी सरकार के दौरान हरियाणा की हालत लगातार बद से बदतर होती जा रही है। कांग्रेस ने हरियाणा को प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, रोजगार सृजन और कानून व्यवस्था के मामले में देश का नंबर वन राज्य बनाया था।लेकिन बीजेपी ने उसे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, बदहाली व अत्याचार के मामले में नंबर वन बना दिया है।
नीति आयोग की रिपोर्ट बताती है कि हरियाणा की वित्तीय हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हम 18 राज्यों में 14वें पायदान पर पहुंच चुके हैं। केंद्र सरकार का सामाजिक प्रगति सूचकांक बताता है कि हरियाणा देश का सबसे असुरक्षित राज्य है।

