कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सीमलिया थाना क्षेत्र के कराड़िया गांव के पास श्रद्धालुओं से भरी एक टेम्पो ट्रैवलर मिनी बस अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गहरे नाले में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मिनी बस में सवार सभी यात्री मध्य प्रदेश के भोपाल और बैतूल जिले के रहने वाले थे। ये सभी श्रद्धालु धार्मिक यात्रा पर निकले थे और राजस्थान के सीकर स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। शनिवार तड़के जब मिनी बस कोटा के पास से गुजर रही थी, तभी कराड़िया गांव के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया और श्रद्धालुओं की खुशियों भरी यात्रा मातम में बदल गई।
दुर्घटना के कारणों की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तड़के चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई थी। रफ्तार तेज होने के कारण मिनी बस पर से चालक का नियंत्रण छूट गया, जिससे वाहन एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए नीचे पुल के पास नाले में जा गिरा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मिनी बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कई यात्री उसमें बुरी तरह फंस गए।
हादसे वाली जगह पर पुल के नीचे नाला होने और वहां दलदल की स्थिति के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तड़के का समय होने के कारण अंधेरा और दलदल रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बना। घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की आपातकालीन एंबुलेंस और सीमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने 8 मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस मृतकों की शिनाख्त और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था में जुटी है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर रात व तड़के के समय वाहनों की तेज रफ्तार और चालकों की थकान/नींद से जुड़ी सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामला दर्ज कर दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों की विस्तृत जांच कर रही है।

