चारधाम यात्रा शुरू होते ही साइबर ठग अलर्ट हो जाते हैं। यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को अपने जाल में फंसाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं। ऐसे में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की ओर से यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को पहले ही अलर्ट करते हएु यात्रियों को सतर्क रहने की अपील की है।
साइबर अपराधी फर्जी वेबसाइट, इंटरनेट मीडिया पेज और मोबाइल एप के जरिए श्रद्धालुओं को निशाना बनाते हैं। खासकर आनलाइन रजिस्ट्रेशन, होटल बुकिंग, हेलीकाप्टर टिकट और ट्रैवल पैकेज के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है।
कई मामलों में देखा गया है कि जालसाज असली जैसी दिखने वाली वेबसाइट बनाकर लोगों से पैसे ऐंठ लेते हैं और बाद में संपर्क भी नहीं करते। ठग फोन काल और मैसेज के जरिए भी लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। वह खुद को सरकारी अधिकारी या ट्रैवल एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर जल्दी बुकिंग कराने का दबाव बनाते हैं।
कई बार आकर्षक आफर और सस्ते पैकेज का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसा लिया जाता है। पुलिस ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही रजिस्ट्रेशन और बुकिंग करें।
पूर्व में चारधाम यात्रा के दौरान हुई साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की ओर से साइबर अपराधों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें लगातार इंटरनेट मीडिया पर गश्त करते हैं, और कोई भी संदिग्ध पोस्ट दिखने पर तत्काल उसे हटा रही है।
- हेलीकाप्टर फ्राड: गूगल पर ‘सस्ती टिकट’ के झांसे में न आएं। बुकिंग केवल आफिशियल पोर्टल से ही करें।
- होटल बुकिंग स्कैम : भारी डिस्काउंट के नाम पर किसी के व्यक्तिगत खाते में एडवांस न भेजें। होटल का नंबर खुद वेरिफाई करें।
- फर्जी वीआइपी पास: ‘डायरेक्ट दर्शन’ या ‘सस्ती टैक्सी’ का लालच एक जाल हो सकता है।
- क्यूआर कोड व ओटीपी ट्रैप: पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी क्यूआर कोड स्कैन या ओटीपी शेयर न करें।
- धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 डायल करें।

