महिला वकील के घर और फैक्टरी में घुसने का आरोप, 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का दावा; पिता ने बकाया लेन-देन से किया इनकार
रोहतक, 19 सितंबर 2026। रोहतक के बहुअकबरपुर थाना क्षेत्र में एक महिला वकील के घर और फैक्टरी में कथित तौर पर हथियारों से लैस दर्जनों लोगों के जबरन घुसने और परिवार के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की ओर से मामले में पुलिस को शिकायत दी गई है। महिला वकील ने लगातार मिल रही कथित धमकियों के चलते अपने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक, रोहतक से भी गुहार लगाई है।
पीड़िता के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को गाड़ियों, ट्रैक्टरों और बाइकों में सवार होकर करीब 40-50 लोग उसके घर और फैक्टरी परिसर में पहुंचे। आरोप है कि इनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे। शिकायत के मुताबिक, कुछ लोगों के पास पिस्तौलनुमा हथियार, फरसे और अन्य धारदार हथियार थे।
महिला वकील का आरोप है कि आरोपित पक्ष ने घर में जबरन प्रवेश किया और उसके तथा उसके बुजुर्ग माता-पिता के साथ मारपीट की। शिकायत में घर पर कब्जा करने का प्रयास करने और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया गया है।
लेन-देन के विवाद का भी किया जा रहा है दावा
मामले को लेकर दूसरा पक्ष पैसों के लेन-देन और कथित बकाया रकम का हवाला देकर दबाव बनाए जाने की बात कह रहा है। हालांकि, महिला वकील के पिता ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके परिवार का संबंधित पक्ष के साथ किसी भी प्रकार का कोई बकाया लेन-देन नहीं है।
परिवार का आरोप है कि लेन-देन का नाम लेकर उन्हें दबाव में लेने और डराने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि घटना के बाद से परिवार के सदस्य भय के माहौल में हैं और उन्हें लगातार धमकियां मिलने की आशंका बनी हुई है।
पुलिस से सुरक्षा की गुहार
महिला वकील ने बहुअकबरपुर थाना पुलिस को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने पुलिस अधीक्षक रोहतक से अपने तथा अपने माता-पिता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने लाई जाए और यदि धमकियों अथवा जबरन घर में घुसने के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में आरोपी पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता और उसके परिवार के पक्ष पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

