उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शुक्रवार को कचहरी परिसर में हत्या की वारदात से हड़कंप मच गया। गोरखपुर में नाबालिग बेटी से रेप के आरोपी को रिटायर्ड फौजी पिता ने भरी कचहरी में भूनकर हत्या कर दी। पिता ने आरोपी को एक के बाद एक 4 गोली मारी। पहली गोली कनपटी में फिर तीन पेट में। जब तक आरोपी मर नहीं गया, तब तक फौजी पिता गोली मारता रहा।

कचहरी में दिनदहाड़े हुई वारदात से हड़कंप मच गया। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर इधर-उधर लोग भागने लगे। फौजी पिता और उसका एक साथी भी वारदात को अंजाम देकर भागने लगे। हालांकि, वहां मौजूद कुछ लोगों ने आरोपी को दौड़ाकर पकड़ लिया। वारदात शुक्रवार दोपहर की है।

दरअसल, नाबालिग लड़की से रेप का आरोपी दिलशाद दो बजे दीवानी कचहरी पहुंचा था। वह अपने मुकदमे की तारीख का पता लगाने के लिए आया था। तभी गेट के अंदर साइकिल स्टैंड के पास दो बाइक सवार आए। उनमें से एक फौजी पिता उतरा और ताबड़तोड़ दिलशाद को 4 गोलियां मारकर हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि मृतक दिलशाद मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। उसकी उम्र 25 साल थी। वह गोरखपुर के बड़हलगंज के पटना चौराहे पर साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। पास में ही फौजी अपना मकान बनवा रहा था। दिलशाद ने फौजी की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर फंसा लिया। वह दो साल पहले लड़की को लेकर हैदराबाद भाग गया था। इसके बाद फौजी पिता ने दिलशाद पर दुष्कर्म, पास्को और अपहरण का केस कराया था। इसी सिलसिले में वह 15 दिन पहले ही गोरखपुर आया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी पिता सेना से रिटायर है। वह हिंदू है। जबकि आरोपी मुस्लिम था। इससे वह गुस्से में था। इसलिए, दो साल जब आरोपी शहर में लौटा तो उसने वारदात को अंजाम दिया। आसपास के लोगों ने बताया कि जब आरोपी को पकड़ा तो वह गुस्से में चिल्ला रहा था कि मेरी बेटी का बहला-फुसलाकर रेप किया। इसका यही अंजाम होना था।
दूसरी तरफ मृतक के वकील शंकर शरण सिंह ने बताया कि दिलशाद शुक्रवार को कचहरी गेट पर आया। उसने जूनियर अधिवक्ता आदित्य सिंह को फोन किया कि गेट से गार्ड अंदर नहीं आने दे रहे हैं। अधिवक्ता उसके पास आ रहे थे, इतने में बाइक से दो लोग पहुंचे और ताबड़तोड़ चार राउंड गोली चलाईं। इसकी वजह से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद वहां मौजूद गार्डों ने आरोपी को पकड़ लिया।
