हिसार। हिसार रोडवेज डिपो में टायरों की कमी अब बसों के संचालन पर भारी पड़ रही है। पर्याप्त टायर नहीं मिलने के कारण करीब 17 रोडवेज बसें वर्कशॉप में खड़ी हैं। इसका सीधा असर लोकल रूटों पर पड़ रहा है और यात्रियों को बसों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
हाल ही में डिपो को राहत के तौर पर 50 ट्यूबलेस टायरों की खेप मिली थी, लेकिन इनमें से 15 टायर हांसी भेज दिए गए। बाकी टायर हिसार डिपो की एसी बसों में इस्तेमाल किए जाने हैं।
टायर आए, फिर भी नहीं निकलीं खड़ी बसें
समस्या यह है कि नई खेप में मिले सभी टायर ट्यूबलेस हैं और इनका इस्तेमाल एसी बसों में किया जाना है। जबकि हिसार डिपो में बड़ी संख्या में नॉन-एसी बसें संचालित होती हैं। इन बसों के लिए जरूरी टायर उपलब्ध नहीं होने से वर्कशॉप में खड़ी बसें सड़कों पर नहीं उतर पा रही हैं।
लोकल रूटों पर पड़ रहा असर
करीब 17 बसों के वर्कशॉप में खड़े होने से सबसे ज्यादा असर लोकल रूटों की परिवहन व्यवस्था पर पड़ रहा है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में रोडवेज के सामने चुनौती नॉन-एसी बसों के लिए जरूरी टायरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की है। पर्याप्त टायर मिलने के बाद ही वर्कशॉप में खड़ी बसों को दोबारा रूटों पर उतारा जा सकेगा।
