गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्ष घटना के बाद से लापता हैं। सोमवार को लगातार चौथे दिन भी दोनों नेताओं का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उनके मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं और परिवार के लोग भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
लापता नेताओं में कांग्रेस के गुरुग्राम जिलाध्यक्ष वर्धन राव और पंकज डावर शामिल हैं। दोनों की गुमशुदगी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों में चिंता बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर गुरुग्राम की राजनीति भी गरमा गई है।
आज पुलिस कमिश्नर से मिलेगा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने दैनिक भास्कर ऐप से फोन पर बातचीत में कहा कि पार्टी इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करेगा।
राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि वह खुद दोपहर 3 बजे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचेंगे। इस दौरान दोनों जिलाध्यक्षों की सुरक्षित वापसी और पूरे मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वह लगातार वर्धन राव और पंकज डावर के परिजनों के संपर्क में हैं। जरूरत पड़ने पर परिवार से चर्चा के बाद दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
कांग्रेस ने पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के बाद से दोनों जिलाध्यक्षों से संपर्क नहीं हो पाया है। परिजनों की ओर से भी चिंता जताई जा रही है।
परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस से दोनों नेताओं के बारे में जानकारी मांगी, तो अधिकारियों ने उनकी मौजूदा लोकेशन या स्थिति की जानकारी होने से इनकार किया।
इसी वजह से कांग्रेस ने पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की मांग की है।
‘संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो प्रदेशभर में प्रदर्शन’
राव नरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कांग्रेस गुरुग्राम समेत पूरे हरियाणा में विरोध प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने रेवाड़ी में कांग्रेस जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट किए जाने का भी मुद्दा उठाया। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले जिलाध्यक्ष को नजरबंद करना निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। अगर मुख्यमंत्री जहां भी जाएंगे, वहां कांग्रेस जिलाध्यक्षों को नजरबंद किया जाएगा तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है।
चार दिन से संपर्क नहीं, परिवार की चिंता बढ़ी
वर्धन राव और पंकज डावर के लगातार संपर्क से बाहर होने के कारण उनके परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी इस मामले को लेकर भारी रोष है।
अब सभी की नजरें कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल और पुलिस कमिश्नर के बीच होने वाली मुलाकात पर हैं। कांग्रेस का कहना है कि मुलाकात के दौरान दोनों जिलाध्यक्षों की सुरक्षित वापसी और उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी मांगी जाएगी।


