चरखी दादरी में 6 अगस्त को थाने के सामने हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में घायल कीर्तिमान ने दम तोड़ दिया। हिसार के टोकस गांव निवासी कीर्तिमान का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा था। हमले में उसके पैर और गर्दन में तीन गोलियां लगी थीं।
डॉक्टरों के मुताबिक, फायरिंग के बाद से कीर्तिमान होश में नहीं आ सका था। रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने केस में हत्या की धारा जोड़ दी है।
कोर्ट के बाहर 3 शूटरों ने बरसाईं थीं गोलियां
6 अगस्त को कीर्तिमान अपने छह साथियों के साथ स्कॉर्पियो में कोर्ट पहुंचा था। इसी दौरान तीन शूटरों ने गाड़ी में बैठते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
करीब 30 राउंड फायरिंग में सात लोग घायल हुए थे। सभी को पहले चरखी दादरी सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से रोहतक रेफर किया गया। बाद में कीर्तिमान और अमित फतेहड़ियां को गुरुग्राम शिफ्ट किया गया।
घायलों में से चार अभी भी वेंटिलेटर पर बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ डालता था पोस्ट
कीर्तिमान मूल रूप से हिसार के टोकस गांव का रहने वाला था। ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल के समय से ही वह ग्रुप में चलता था। बाद में सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हो गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 में हथियारों के साथ फोटो सोशल मीडिया पर डालने के मामले में उसके खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। इसके बावजूद वह लगातार हथियारों से जुड़ी पोस्ट शेयर करता रहा।
उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की बायो में ‘Criminal Activities’ लिखा हुआ था। वह खुद को HKO ग्रुप का सरगना भी बताता था।
10 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कीर्तिमान पर हिसार के आजाद नगर समेत कई थानों में 10 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे।
उसकी आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था—
“नाम और खौफ उसी का रहता है, जो वक्त के साथ चलता है।”
घायलों के शरीर से निकलीं 20 गोलियां
फायरिंग में घायल सातों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने पांच घायलों का ऑपरेशन किया।
- कीर्तिमान: पैर और गर्दन से 3 गोलियां
- कृष्ण: हाथ, पैर और छाती से 4 गोलियां
- अमित फतेहड़ियां: कमर और पैरों से 7 गोलियां
- अंकित (मानकावास): छाती, कमर और कूल्हे के पास से 4 गोलियां
- अंकित (भिवानी): पैर और पेट से 2 गोलियां
- सूरज मानहेरू और विजय उर्फ सन्नी: पैरों से छर्रे
पुलिस ने तेज की कार्रवाई
कीर्तिमान की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी है। गैंगवार में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
इस मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें रोहित कातिया को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ा था।
पूछताछ में रोहित ने कथित तौर पर बताया कि फायरिंग की पूरी प्लानिंग वारदात से एक दिन पहले की गई थी।
