हरियाणा में आज से मानसून की रफ्तार होगी धीमी। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले 24 घंटे तक बारिश की गतिविधियां कम रहेंगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल समेत 6 जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया जा सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक हरियाणा में भारी बारिश की संभावना कम रहेगी, जबकि उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

हरियाणा में मानसून की रफ्तार पर अब कुछ दिनों के लिए ब्रेक लगने के संकेत हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा फिलहाल श्रीगंगानगर, हिसार, गोरखपुर, पूर्णिया होते हुए मिजोरम तक बनी हुई है। इसके चलते राज्य में मानसून की सक्रियता में कमी आने की संभावना है

मौसम विभाग के अनुसार, 11 जुलाई से हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी, लेकिन पहले जैसी व्यापक और तेज बारिश के आसार फिलहाल कम हैं।

यह रेखा अब धीरे-धीरे हिमालय की तलहटियों की तरफ बढ़ रही है। इस बड़े मौसमी बदलाव के कारण हरियाणा में 11 जुलाई के बाद मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल में कई स्थानों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है।

इसके अलावा कुछ ही स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, लगातार पहाड़ों पर हो रही बारिश से यमुना के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर 50 हजार क्यूसेक पहुंच गया।

हिमाचल के पहाड़ों और पंचकूला में भारी बारिश से घग्गर, कौशल्या व टांगरी नदियां रौद्र रूप में हैं। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने पूरे जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर 28 अगस्त 2026 तक नदी-नालों के किनारे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उल्लंघन करने वालों पर बीएनएस की धारा 223 के तहत सख्त केस दर्ज होगा।

मानसून की गतिविधियों में आ रही कमी और हवाओं के रुख में बदलाव के कारण अब वातावरण में नमी धीरे-धीरे कम होने लगेगी। इसके असर से दिन के अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को उमस व गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, रात का तापमान अभी सामान्य के आसपास ही बना रहेगा।

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