पिंजौर थाना परिसर के बाहर रेहड़ियां हटाने को लेकर भाजपा पार्षद और थाना प्रभारी (SHO) आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच करीब चार मिनट तक तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बहस के दौरान भाजपा पार्षद ने कोर्ट के आदेश की कॉपी दिखाते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि SHO ने थाने की सुरक्षा का हवाला देते हुए रेहड़ियां हटाने के फैसले को सही बताया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को पुलिस ने पिंजौर थाने के बाहर लगी कुछ रेहड़ियों को हटवाया था। इसके बाद भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष एवं वार्ड-11 के पार्षद सौरभ गुप्ता रेहड़ी संचालकों को साथ लेकर थाने पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वर्षों से यहां रेहड़ियां लग रही हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए उन्हें हटाना उचित नहीं है।
कोर्ट आदेश को लेकर हुई बहस
थाने में बातचीत के दौरान पार्षद ने दावा किया कि उनके पास कोर्ट के आदेश की प्रति है, जिसमें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए बिना रेहड़ी वालों को नहीं हटाने की बात कही गई है। उन्होंने SHO से आदेश देखने की अपील की, लेकिन SHO राजेश कुमार ने कहा कि उन्हें सबसे पहले थाने की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है और परिसर के बाहर किसी तरह का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बहस के दौरान दोनों के बीच तीखे शब्दों का भी आदान-प्रदान हुआ। पार्षद ने पुलिस पर लोगों की बात नहीं सुनने का आरोप लगाया, जबकि SHO ने कहा कि थाने के बाहर इस तरह कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
पार्षद ने लगाए दुर्व्यवहार के आरोप
सौरभ गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रेहड़ी संचालकों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें जबरन हटाया गया। उनका कहना है कि कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
SHO ने बताया सुरक्षा का मामला
वहीं SHO राजेश कुमार ने कहा कि थाने के बाहर बड़ी संख्या में रेहड़ियां लगने से पुलिस वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। यदि किसी आपात स्थिति में अतिरिक्त पुलिस बल पहुंचता है तो वाहनों के खड़े होने तक की जगह नहीं बचती। उन्होंने बताया कि रेहड़ी संचालकों को पहले भी कई बार समझाया गया था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
वीडियो हुआ वायरल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में भाजपा पार्षद और SHO के बीच तीखी बहस साफ दिखाई और सुनाई दे रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
