हरियाणा भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद न्यू गुरुग्राम जिले में पहले दौरे के दौरान आयोजित स्वागत समारोह में जेबकतरों ने जमकर वारदात को अंजाम दिया। शनिवार को मानेसर, पटौदी और अन्य स्थानों पर आयोजित तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में शातिर गिरोह ने भीड़ का फायदा उठाते हुए करीब 15 से 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन, नकदी और जरूरी दस्तावेज चोरी कर लिए।
मानेसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में पांच कार्यकर्ताओं ने थाना पहुंचकर अपने मोबाइल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। वहीं पटौदी विधायक बिमला देवी और पूर्व विधायक व एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष सत्य प्रकाश जरावता के कार्यक्रम में भी कई कार्यकर्ताओं की जेब कटने की घटनाएं सामने आई हैं।
फोटो खिंचवाने की भीड़ बनी मौका
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के स्वागत के लिए मानेसर में जिलाध्यक्ष अजीत यादव की अगुवाई में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में करीब एक हजार लोगों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन स्थानीय नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष का काफिला पहुंचा, उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर जेबकतरों ने वारदात को अंजाम दिया।
वार्ड पार्षद की जेब से 20 हजार रुपये उड़ाए
चोरों ने एक वार्ड पार्षद की जेब से 20 हजार रुपये नकद निकाल लिए। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के महंगे स्मार्टफोन, पर्स, नकदी, एटीएम और क्रेडिट कार्ड भी चोरी हो गए। अधिकांश लोगों को अपनी जेब कटने का पता कार्यक्रम समाप्त होने के बाद चला, जब उन्होंने मोबाइल या पर्स निकालने की कोशिश की।
तीनों कार्यक्रमों में सक्रिय रहा गिरोह
मानेसर के अलावा पटौदी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विधायक बिमला देवी के कार्यक्रम और पूर्व विधायक सत्य प्रकाश जरावता के स्वागत समारोह में भी जेबकतरों ने कई लोगों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि गिरोह इतना शातिर था कि किसी को चोरी की भनक तक नहीं लगी। कई पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत भी नहीं दी, जबकि जिनके मोबाइल और जरूरी दस्तावेज चोरी हुए हैं, उन्होंने मामला दर्ज कराया है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मानेसर थाना प्रभारी सुधीर ने बताया कि कार्यक्रम स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह किसी पेशेवर जेबकतरा गिरोह की करतूत है, जो बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों और भीड़भाड़ वाले आयोजनों को निशाना बनाता है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
