हरियाणा सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों, शिक्षकों, किसानों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी। इनमें सबसे बड़ा फैसला प्रदेश के करीब 3.25 लाख कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए नई ऑनलाइन तबादला नीति को मंजूरी देना रहा।

नई नीति के तहत अब तबादलों के लिए कर्मचारियों की मेरिट 120 अंकों के आधार पर तय की जाएगी। सरकार ने आयु के आधार पर मिलने वाले अंकों का महत्व कम करते हुए अनुभव को अधिक प्राथमिकता दी है। वहीं पति-पत्नी (कपल केस) के मामलों में मिलने वाले अंक भी बढ़ा दिए गए हैं, जिससे ऐसे कर्मचारियों को एक ही स्थान या आसपास तैनाती मिलने की संभावना बढ़ेगी।

अनुभव को मिलेगा ज्यादा महत्व

नई ट्रांसफर पॉलिसी में आयु का वेटेज कम कर दिया गया है, जबकि नौकरी के अनुभव को अधिक महत्व दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को तबादलों में बेहतर अवसर मिलेंगे।

इसके अलावा गंभीर बीमारियों से पीड़ित कर्मचारियों को भी विशेष राहत दी गई है। ऐसे कर्मचारियों को स्थानांतरण में अतिरिक्त प्राथमिकता मिलेगी ताकि उन्हें इलाज और परिवार के पास रहने में सुविधा हो।

कपल केस को बड़ी राहत

सरकार ने पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने पर मिलने वाले अंकों को बढ़ा दिया है। इसका उद्देश्य परिवारों को अलग-अलग जिलों में तैनाती की समस्या से राहत देना है। नई व्यवस्था से अधिक कर्मचारियों को एक ही जिले या नजदीकी क्षेत्र में पोस्टिंग मिलने की उम्मीद है।

दयालु योजना में दावा करने की अवधि बढ़ी

कैबिनेट ने दयालु योजना के तहत वित्तीय सहायता के दावे की समय सीमा भी बढ़ा दी है। अब पात्र परिवार पहले की तुलना में अधिक समय तक सहायता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि कई परिवार तकनीकी कारणों या दस्तावेजी प्रक्रिया में देरी के चलते समय पर आवेदन नहीं कर पाते थे। नई व्यवस्था से ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी और पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को बढ़ावा

परिवहन क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया है। एनसीआर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक और सीएनजी ट्रक एवं बसों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए रोड टैक्स में छूट देने का निर्णय लिया गया है।

सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जगह नए पर्यावरण अनुकूल वाहन सड़कों पर आएंगे। यह कदम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

खराब पौधे देने पर दोगुना मुआवजा

कैबिनेट ने बागवानी क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया है। यदि किसानों को खराब या दोषपूर्ण पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं और इससे फसल को नुकसान होता है, तो संबंधित पक्ष को किसानों को लागत का दोगुना मुआवजा देना होगा।

सरकार का कहना है कि इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराने में जवाबदेही बढ़ेगी और बागवानी को प्रोत्साहन मिलेगा।

इन फैसलों को प्रदेश के कर्मचारियों, किसानों और परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि नई नीतियों से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और आम लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।

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