हरियाणा के 19 शहरों में रविवार को NEET री-एग्जाम आयोजित किया जा रहा है। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होगी। राज्यभर के 175 परीक्षा केंद्रों पर 65 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और नकलमुक्त बनाने के लिए प्रशासन और सरकार की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से ही अभ्यर्थियों का पहुंचना शुरू हो गया। प्रवेश से पहले उनकी सघन जांच की जा रही है। कई केंद्रों पर छात्रों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही प्रवेश दिया जा रहा है।
नोज पिन बनी परेशानी, छात्रा को नहीं मिला प्रवेश
रेवाड़ी में एक छात्रा को नोज पिन पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचना भारी पड़ गया। जांच के दौरान उसे प्रवेश से रोक दिया गया। छात्रा ने बताया कि वह धारूहेड़ा से परीक्षा देने के लिए बाल स्कूल केंद्र पहुंची थी। उसने नोज पिन निकालने की कोशिश की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद वह नहीं निकली। छात्रा का कहना था कि जबरदस्ती निकालने पर नाक से खून बहने का खतरा था।
कोचिंग सेंटर और फोटोस्टेट की दुकानें बंद
नकल रोकने के लिए प्रशासन ने सभी जिलों में परीक्षा अवधि के दौरान कोचिंग सेंटर और फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
रोडवेज बस स्टैंडों पर बनाए गए हेल्प डेस्क
अभ्यर्थियों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न रोडवेज बस स्टैंडों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। यहां छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए सिटी बसों, ऑटो और अन्य परिवहन सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है।
GPS से होगी एग्जाम सामग्री की निगरानी
प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस और एस्कॉर्ट टीमों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई है और उनके साथ पुलिस एस्कॉर्ट भी तैनात किया गया है।
CCTV निगरानी में रहेंगे सभी परीक्षा केंद्र
परीक्षा की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। वहीं कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग भी की जाएगी। सेंटर सुपरिंटेंडेंट और इनविजिलेटर सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर तैनात हैं।
प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलमुक्त कराने के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
