हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) सिविल अस्पताल में सोमवार को नर्सिंग स्टाफ ने राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन Renu Bhatia की कथित टिप्पणियों के विरोध में दो घंटे का पेन डाउन कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी नर्सिंग अधिकारियों ने आरोप लगाया कि हाल ही में अस्पताल निरीक्षण के दौरान की गई टिप्पणियों से पूरे नर्सिंग कैडर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।
हालांकि प्रदर्शन के दौरान मरीजों की सुविधा प्रभावित न हो, इसके लिए इमरजेंसी, एनआईसीयू, प्रसूति वार्ड तथा अन्य आवश्यक सेवाओं में नर्सिंग स्टाफ की तैनाती जारी रखी गई।
15 वर्षीय पीड़िता मामले के निरीक्षण के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, रविवार को महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया अस्पताल पहुंची थीं। वे अस्पताल के एक कंसल्टेंट डॉक्टर पर 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म के आरोपों से जुड़े मामले की समीक्षा करने आई थीं। इस दौरान उन्होंने पीड़िता और अस्पताल प्रशासन से बातचीत की तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
चेयरपर्सन ने कथित तौर पर अस्पताल के पीएमओ डॉ. साराह अग्रवाल और तीन नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने की बात कही थी। साथ ही नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए थे।
नर्सिंग स्टाफ ने जताई नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के पूरे नर्सिंग स्टाफ पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में प्रसारित बयानों से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
नर्सिंग अधिकारियों ने जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए महिला आयोग अध्यक्ष से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जा सकता है।
प्रदर्शन के दौरान भावुक हुईं नर्सिंग अधिकारी
प्रदर्शन के दौरान सीनियर नर्सिंग ऑफिसर गुरमीत कौर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्टाफ की कमी के बावजूद नर्सें दिन-रात मरीजों की सेवा में लगी रहती हैं, लेकिन अक्सर हर विवाद या घटना में सबसे पहले नर्सिंग स्टाफ को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।
उन्होंने कहा कि कई बार एक नर्सिंग अधिकारी को 70 से 80 मरीजों तक की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है, बावजूद इसके उनके कार्य और समर्पण को नजरअंदाज किया जाता है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पीएमओ डॉ. साराह अग्रवाल और सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह नर्सिंग स्टाफ के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और भावनाओं से महिला आयोग को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं, लेकिन अपने सम्मान और पेशेवर गरिमा से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो हरियाणा भर के नर्सिंग कर्मचारी संयुक्त आंदोलन शुरू कर सकते हैं।
