हरियाणा के कैथल जिले में प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की गई है। राजौंद में तैनात नायब तहसीलदार स्नेह लता को ड्यूटी के दौरान कार्यालय से अनुपस्थित रहने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कैथल की डीसी अपराजिता के औचक निरीक्षण के बाद की गई, जिससे जिले के सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, डीसी अपराजिता ने बुधवार दोपहर करीब 12 बजे राजौंद तहसील, बीडीपीओ कार्यालय और नगर पालिका का अचानक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शाखाओं के रिकॉर्ड, हाजिरी रजिस्टर और आम लोगों को दी जा रही सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय नायब तहसीलदार स्नेह लता अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिलीं।
डीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि निर्धारित समय के भीतर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। निरीक्षण के महज 24 घंटे के भीतर हुई इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
शिकायतकर्ताओं ने भी जताई थी नाराजगी
निरीक्षण के दौरान डीसी ने तहसील परिसर में मौजूद लोगों और शिकायतकर्ताओं से भी बातचीत की। इस दौरान कई लोगों ने नायब तहसीलदार के कार्य व्यवहार और अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना था कि अधिकारी अक्सर कार्यालय में नहीं मिलतीं, जिसके कारण उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि समय पर अधिकारी के नहीं मिलने से राजस्व और अन्य प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार करवाई थी।
अधिकारियों को गया सख्त संदेश
नायब तहसीलदार के निलंबन को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई के जरिए अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ड्यूटी में लापरवाही और जनता के कार्यों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीसी अपराजिता ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखना और लोगों के कार्यों का समय पर निपटारा करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की कोताही मिलने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
