चंडीगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ आमजन की भागीदारी बढ़ाने और शिकायत प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सरल बनाने की दिशा में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) जल्द ही एक अत्याधुनिक मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य सीधे ब्यूरो तक पहुंचा सकेंगे। यह जानकारी आज पंचकूला स्थित एसीबी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ब्यूरो प्रमुख ए.एस. चावला ने दी। मोबाइल ऐप से सीधे दर्ज होंगी भ्रष्टाचार की शिकायतें चावला ने बताया कि प्रस्तावित मोबाइल ऐप को आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेहद सरल बनाया जा रहा है। ऐप के माध्यम से शिकायतकर्ता भ्रष्टाचार से संबंधित वीडियो एवं फोटो अपलोड कर सकेंगे, हेल्पलाइन से सीधे संपर्क कर सकेंगे तथा संबंधित जिले की एसीबी यूनिट के अधिकारियों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। शिकायतकर्ता अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए भी भ्रष्टाचार की सूचना दे सकेंगे, जबकि प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पांच माह में 83 मामले दर्ज, 67 ट्रैप ऑपरेशन सफल
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ उल्लेखनीय अभियान चलाते हुए कुल 83 आपराधिक मामले दर्ज किए, जिनमें 67 ट्रैप ऑपरेशन के दौरान रिश्वत लेते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों एवं निजी व्यक्तियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह आंकड़ा दर्शाता है कि ब्यूरो ने जनवरी से मई तक के 117 कार्यदिवसों में औसतन हर दूसरे दिन एक सफल रेड की है।
विभागीय जांचें दर्ज, 73 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सुझाव
चावला ने बताया कि 1 जनवरी से 31 मई 2026 के दौरान ब्यूरो ने भ्रष्टाचार से संबंधित 40 विभागीय जांचें दर्ज कीं, जिनमें नगर योजनाकार, तहसीलदार, बीडीपीओ, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, चिकित्सक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इस अवधि में 36 जांचें पूरी की गईं, जिनके आधार पर 63 राजपत्रित अधिकारियों तथा 10 अराजपत्रित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। वहीं, चार मामलों में 3 राजपत्रित अधिकारियों, 1 अराजपत्रित कर्मचारी तथा 16 निजी व्यक्तियों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की अनुशंसा की गई है।
रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी, ग्रुप-बी से लेकर निजी व्यक्ति तक शामिल
ब्यूरो प्रमुख ने बताया कि दर्ज 67 ट्रैप मामलों में गिरफ्तार आरोपियों में 8 ग्रुप-बी अधिकारी, 51 ग्रुप-सी कर्मचारी तथा 9 निजी व्यक्ति शामिल हैं। सभी मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मुकदमे दर्ज कर जांच की जा रही है।
मजबूत पैरवी से 18 मामलों में 20 दोषियों को सजा
उन्होंने बताया कि प्रभावी जांच और मजबूत अभियोजन के कारण इस अवधि में 18 मामलों में 20 आरोपियों को सजा दिलाई गई है, जिनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं निजी व्यक्ति शामिल हैं। अधिकांश मामलों में अदालतों ने आरोपियों को पांच वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
ईमानदार शिकायतकर्ताओं और उत्कृष्ट अधिकारियों को मिलेगा सम्मान
चावला ने बताया कि ब्यूरो अब उन शिकायतकर्ताओं को भी सम्मानित करेगा जिन्होंने भ्रष्टाचार के मामलों में न केवल रेड को सफल बनाया बल्कि अदालत में गवाही देकर दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके लिए वर्ष 2021 से ऐसे शिकायतकर्ताओं की पहचान की जा रही है जिन्हें प्रशस्ति पत्र एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
इसी प्रकार, विभाग ने पूरे प्रदेश में ऐसे 5 पुलिसकर्मियों को सूचीबद्ध किया है जिन्होने पिछले पांच महीनों में सफल व अच्छी रेड करवाई है। इनमें एसीबी यूनिट गुरूग्राम से निरीक्षक जाकिर हुसैन प्रथम स्थान पर है जिन्होंने 7 रेड की हैं। इसी प्रकार, दूसरा स्थान सीडीसी/निरीक्षक एसीबी भिवानी यूनिट जगजीत सिंह(6 रेड), तथा तीसरे स्थान पर एसीबी यूनिट कैथल से निरीक्षक सुबे सिंह (4 रेड), गुरूग्राम युनिट से निरीक्षक राजकरण(4 रेड) तथा एसीबी रेवाड़ी यूनिट से निरीक्षक जयपाल सिंह (4रेड) रहे हैं। इन पुलिसकर्मियों को प्रशंसा पत्र, नकद ईनाम तथा मेडल आदि से सम्मानित किया जाएगा।
शिकायतकर्ताओं को नहीं लगाना पड़ेगा अपना पैसा
उन्होंने यह भी बताया कि ट्रैप मामलों में शिकायतकर्ताओं को राहत देने के लिए रिवॉल्विंग फंड प्रणाली को सरल बनाया जा रहा है। अब शिकायतकर्ता को रेड के लिए अपनी राशि खर्च करने के 15 से 20 दिन में रिवॉल्विंग फंड से पैसे वापिस किये जायेंगे, जिससे आमजन का विश्वास और सहभागिता दोनों बढ़ेंगे।
हर दूसरे दिन एक रेड, भ्रष्टाचारियों में कानून का डर जरूरीः ए.एस. चावला
चावला ने स्पष्ट कहा कि जो सरकारी अधिकारी व कर्मचारी भ्रष्ट हैं और बिना रिश्वत के लोगों के काम नही करते, उन्हें बख्शा नही जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश हैं कि ऐसे भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्यवाही करें। ऐसे भ्रष्टाचारियों के मन में कानून का डर बिठाना है जो अपने पद का दुरूपयोग करते हैं। मुख्यमंत्री सैनी का मानना है कि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईमानदार लोगों को डरने की जरूरत नहीं और भ्रष्टचारी व्यक्ति के खिलाफ एक्शन जरूर होगा। निर्दोष व्यक्ति बेखौफ होकर अपना काम करें जबकि भ्रष्ट व्यक्ति आज नही तो कल कानून की गिरफत में जरूर होंगे।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रमुख ए एस चावला ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से लेकर 31 मई 2026 तक ब्यूरो ने 117 दिनों (शनिवार-रविवार तथा अन्य अवकाश आदि छोड़कर ) कुल 67 रेड की हैं जिसका अभिप्राय यह है कि ब्यूरों द्वारा कार्यदिवस में हर दूसरे दिन एक रेड की गई है

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