उपायुक्त ने कहा कि जिला में 09 ऐसी औद्योगिक इकाईयां है जो ईंधन के रूप में डीजल का प्रयोग करती है इनमें 03 कुण्डली, 02 बहालगढ़, 01 रेवली, 01 खरखौदा, 01 खानपुर तथा 01 औद्योगिक इकाई सेक्टर 12 सोनीपत में स्थित है। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि वे सभी अपने क्षेत्र में स्थित इन औद्योगिक इकाईयों की जांच करें कि इन्होंने यह ईधन कहां से खरीदा है। अगर इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पेट्रोल पंपों की दैनिक बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाए। यदि किसी पेट्रोल पंप पर डीजल अथवा पेट्रोल की बिक्री में अचानक असामान्य वृद्धि पाई जाती है तो उसका तत्काल ऑडिट एवं निरीक्षण किया जाए। इसके अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पेट्रोल पंपों से अनधिकृत टैंकरों अथवा ऐसे व्यावसायिक संस्थानों को थोक मात्रा में ईंधन की आपूर्ति न हो, जिन्हें नियमों के अनुसार सीधे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से ईंधन प्राप्त करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री को रोकने के लिए जिला में अलग-अलग क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वाड टीमें बनाई गई हैं, जिनमें एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा पुलिस के अधिकारी शामिल है। ये टीमें लगातार फील्ड में रहकर पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री पर निगरानी रखेंगी। इसके अलावा उपायुक्त ने सभी तेल कंपनियों को निर्देश दिए कि पेट्रोल पंपों पर एक बार में हुई बड़ी ट्रांजेक्शनों का डाटा डीएफएससी को उपलब्ध करवाएं ताकि अगर किसी पेट्रोल पंप पर कोई कालाबाजारी की गई है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। —-

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