करीब एक सप्ताह से चल रही कानूनी और खेलीय उठापटक के बीच हरियाणा की ओलिंपियन पहलवान Vinesh Phogat शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचीं। कुश्ती महासंघ के साथ चल रहे विवाद को देखते हुए स्टेडियम परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
स्टेडियम के गेट नंबर-18 पर प्रवेश के दौरान विनेश और उनके पति सोमवीर राठी की सुरक्षा कर्मियों से कुछ देर बहस भी हुई, हालांकि बाद में उन्हें अंदर जाने की अनुमति दे दी गई। ट्रायल से पहले विनेश अपने कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ रणनीति बनाती और वॉर्म-अप करती नजर आईं।
मीडिया से बातचीत में विनेश ने बताया कि उनका वजन निर्धारित समय से करीब एक घंटे बाद हुआ, लेकिन उन्होंने 53 किलोग्राम वर्ग का वजन परीक्षण सफलतापूर्वक पास कर लिया।
दरअसल, शुक्रवार को ही Supreme Court of India ने विनेश को ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उनके ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
क्या है पूरा विवाद?
पेरिस ओलिंपिक 2024 में फाइनल से पहले वजन सीमा से 100 ग्राम अधिक पाए जाने के बाद विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी थी। हालांकि दिसंबर 2025 में उन्होंने वापसी का ऐलान किया।
मई 2026 में गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचीं विनेश को WFI ने एंटी-डोपिंग नियमों और वापसी प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोक दिया था। महासंघ का कहना था कि संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ी को छह महीने पहले सूचना देना अनिवार्य है।
विनेश ने इस फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने 22 मई को उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए 30 और 31 मई को होने वाले चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। अदालत ने यह भी कहा था कि मातृत्व अवकाश के कारण किसी महिला खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता। साथ ही ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग और SAI व IOA की निगरानी में प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए थे।
