पानीपत के PWD रेस्ट हाउस में सरकार और ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच करीब 3 घंटे चली अहम बैठक के बाद बड़ा फैसला लिया गया। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार और सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी ने कर्मचारियों की 18 में से 17 मांगों को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद यूनियन ने तत्काल प्रभाव से हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया।
सरकार और यूनियन के बीच बनी सहमति के अनुसार अब हर गांव में 400 की आबादी पर एक सफाईकर्मी नियुक्त किया जाएगा। सफाईकर्मियों के वर्दी, धुलाई और कार्य उपकरणों के भत्तों में भी बढ़ोतरी की जाएगी।
सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में किसी सफाईकर्मी की मौत होने पर उसके परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी दी जाएगी। वहीं सामान्य मृत्यु की स्थिति में भी आश्रित को नौकरी देने पर सहमति बनी है। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को 10 लाख रुपए की एकमुश्त राशि और ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। हालांकि कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट के आदेश से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार इसकी कानूनी समीक्षा कर जल्द निर्णय लेगी।करीब एक महीने से चल रही इस हड़ताल के दौरान प्रदेश के कई जिलों में कचरे के ढेर लग गए थे और कई जगह विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिले थे। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद गांवों में सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
