हरियाणा के सोनीपत में पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। खरखौदा कोर्ट के बाहर गैंगस्टर नीरज उर्फ कातिया की हत्या के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों का पुलिस से मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में तीनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि खरखौदा कोर्ट हत्याकांड में फरार आरोपी नवनीत उर्फ साहिल, सोहन उर्फ काकू और साहिल उर्फ बाउ मुरथल थाना क्षेत्र के गांव रेवली के पास छिपे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही एंटी गैंगस्टर यूनिट ने इलाके की घेराबंदी कर दी।
पुलिस ने आरोपियों को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। पुलिस ने मौके से 5 अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्याकांड पुरानी रंजिश का बदला था। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2009 में गैंगस्टर नीरज उर्फ कातिया ने नवनीत उर्फ साहिल के चाचा की हत्या की थी। उसी रंजिश के चलते 16 मई को खरखौदा कोर्ट के बाहर नीरज की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
बताया जा रहा है कि नीरज अपनी पत्नी के साथ दहेज मामले में कोर्ट की तारीख पर आया था। कोर्ट से बाहर निकलते समय एक सफेद ब्रेजा कार ने उसे टक्कर मारी, जिसके बाद कार सवार बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल नीरज की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस इससे पहले इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि तीन आरोपी फरार चल रहे थे। अब मुठभेड़ के बाद सभी मुख्य आरोपियों को काबू कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले को गैंगवार और पुरानी दुश्मनी से जोड़कर जांच कर रही है।
