हरियाणा में करीब 24 साल बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू होने जा रहा है। चुनाव आयोग ने 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक राज्यभर में यह अभियान चलाने का फैसला किया है। इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। अंतिम मतदाता सूची 22 सितंबर 2026 को जारी होगी।
यह जानकारी हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि इस बार अभियान का मुख्य फोकस गलत, डुप्लीकेट, शिफ्टेड और मृत मतदाताओं की पहचान करना होगा।
37 लाख वोटर्स डेटा में मिली गड़बड़ी
सीईओ के मुताबिक हरियाणा के 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के रिकॉर्ड में करीब 18 प्रतिशत यानी लगभग 37 लाख एंट्री में लॉजिकल एरर मिली हैं। इनमें नाम की स्पेलिंग गलत होना, डुप्लीकेट एंट्री और अन्य तकनीकी त्रुटियां शामिल हैं।
BLO अपने साथ 30 से 40 खाली Form-6 और घोषणा पत्र लेकर चलेंगे ताकि मौके पर ही नए वोटरों का पंजीकरण कराया जा सके।
जिनका नाम नहीं होगा, उनकी सूची सार्वजनिक होगी
इस बार मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम शामिल नहीं होंगे, उनकी बूथ-वार सूची पंचायत भवन, नगर निकाय कार्यालय और बीडीपीओ कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि नाम क्यों हटाया गया या क्यों नहीं जुड़ा। यह सूची सीईओ और जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी अपलोड होगी।
कांग्रेस भी हुई अलर्ट
SIR की घोषणा के बाद Indian National Congress ने अपनी राज्य स्तरीय कार्रवाई एवं निगरानी समिति का विस्तार किया है। प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि समिति में विधायक अशोक अरोड़ा, आफताब अहमद, पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा, पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल समेत कई नेताओं और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
BLO घर पर तीन बार जाएगा
सीईओ ने बताया कि जिन घरों से गणना फॉर्म वापस नहीं मिलेंगे, वहां BLO कम से कम तीन बार विजिट करेगा। जरूरत पड़ने पर पड़ोसियों से भी जानकारी ली जा सकेगी कि संबंधित व्यक्ति शिफ्ट हो चुका है, मृत है या लंबे समय से वहां नहीं रह रहा।
अगर मतदाता घर पर मौजूद नहीं है तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य फॉर्म पर हस्ताक्षर कर BLO को दे सकेगा। इससे नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से बाहर रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
हरियाणा में 2 करोड़ से ज्यादा मतदाता
21 मई 2026 तक राज्य में कुल 2,06,52,760 मतदाता दर्ज हैं। राज्य में 20,629 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदाता मैपिंग का 64.16 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
अब तक फतेहाबाद सबसे आगे जबकि फरीदाबाद सबसे पीछे है। सीईओ ने कहा कि फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और पंचकूला की हाईराइज सोसायटियों में BLO की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
1950 हेल्पलाइन सुबह 7 से रात 9 बजे तक
मतदाता सूची से जुड़ी शिकायत या जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकेगा। यह सेवा सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक दो शिफ्टों में चलेगी।
2002 के बाद पहली बार इतना बड़ा रिवीजन
हरियाणा में आखिरी बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में हुआ था। यानी करीब 24 साल बाद चुनाव आयोग पूरे राज्य में इतने बड़े स्तर पर वोटर डेटा का दोबारा सत्यापन कराने जा रहा है।
राजनीतिक दलों से BLA नियुक्त करने की अपील
सीईओ ने राजनीतिक दलों से बूथ स्तर एजेंट (BLA) नियुक्त करने का आग्रह किया। अब तक 14,520 BLA का विवरण आयोग को मिला है। इनमें भाजपा के 6,438, कांग्रेस के 7,704, माकपा के 165 और अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
BLA भी मतदाताओं से गणना फॉर्म एकत्र कर BLO को सौंप सकते हैं।
SIR का पूरा शेड्यूल
- 5 जून से 14 जून 2026: अधिकारियों-कर्मचारियों की ट्रेनिंग और वोटर लिस्ट प्रिंटिंग
- 15 जून से 14 जुलाई: घर-घर जाकर सत्यापन
- 14 जुलाई: पोलिंग स्टेशनों का रेशनलाइजेशन
- 21 जुलाई: प्रारंभिक मतदाता सूची प्रकाशित
- 21 जुलाई से 20 अगस्त: दावे और आपत्तियां
- 22 सितंबर 2026: अंतिम मतदाता सूची जारी
नए नाम जोड़ने और सुधार की प्रक्रिया
- नया नाम जोड़ने के लिए Form-6
- नाम हटाने के लिए Form-7
- सुधार के लिए Form-8 भरना होगा।
दावों और आपत्तियों पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) और असिस्टेंट ERO सुनवाई कर फैसला लेंगे।
SIR क्या है और क्यों जरूरी?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसमें घर-घर जाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें नए वोटरों को जोड़ा जाता है और मृत, शिफ्टेड या डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अयोग्य व्यक्ति सूची में शामिल न हो। पिछले दो दशकों में बड़े पैमाने पर माइग्रेशन, डुप्लीकेट वोटिंग और डेटा त्रुटियों के कारण यह प्रक्रिया जरूरी मानी जा रही है।

