देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचाने की अपील का असर अब हरियाणा में साफ नजर आने लगा है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने बड़ा फैसला लेते हुए मंत्री और अफसरों की फिजिकल मीटिंग्स को खत्म कर उन्हें वर्चुअल मोड में करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि इस फैसले से सरकारी खर्च में तुरंत करीब 50% तक कमी लाई जा सकेगी। साथ ही सभी विभागों को सरकारी गाड़ियों के सीमित उपयोग और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में मुख्यमंत्री, मंत्री और अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों पर हर साल करीब 5.50 करोड़ रुपए का तेल खर्च होता है। इसमें लगभग 75 गाड़ियों का काफिला और सरकार के तीन विमान शामिल हैं।
सीएम ने खुद पेश की मिसाल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद पहल करते हुए अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 8 से घटाकर 4 कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब केवल सुरक्षा के लिहाज से जरूरी वाहन ही काफिले में शामिल होंगे।
इतना ही नहीं, सीएम ने सप्ताह में एक दिन बिना सरकारी गाड़ी के काम करने और संभव होने पर साइकिल से सचिवालय पहुंचने का संकल्प भी लिया है। उन्होंने आम जनता और अधिकारियों से भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अधिक उपयोग की अपील की है।
कार पूलिंग और ई-व्हीकल्स पर जोर
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे कार्यालय आने-जाने के लिए कार पूलिंग या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें। वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी की बैठकों को भी अब वर्चुअल या ऑडियो-वीडियो माध्यम से किया जाएगा।
मंत्री भी दिखा रहे पहल
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने अपने काफिले से पायलट व्हीकल हटाया और 17 सरकारी गाड़ियां वापस करने के आदेश दिए।
केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar ने दिल्ली से चंडीगढ़ की यात्रा शताब्दी ट्रेन से की और आगे भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की बात कही।
एविएशन मंत्री विपुल गोयल ने भी हवाई यात्रा छोड़ ट्रेन से सफर किया।
विधायक देवेंद्र अत्री ने रोडवेज बस और ऑटो से यात्रा की।
डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ई-रिक्शा से सचिवालय पहुंचे।
तेल की कीमतों में उछाल क्यों?
हरियाणा में पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे पेट्रोल 100 रुपए और डीजल 90 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।
इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी प्रमुख वजह है। ईरान-अमेरिका के बीच तनाव के चलते क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। यदि यह तेजी जारी रहती है, तो आने वाले समय में ईंधन और महंगा हो सकता है।

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