हाल के दिनों में बिरयानी के बाद तरबूज खाने से कथित केस में हुई मौतों की घटनाओं के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं. इसी बीच कटिहार रेलवे स्टेशन से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों की चिंता और बढ़ा दी. वायरल वीडियो में स्टेशन पर खीरा बेचने वाली कुछ महिलाएं खीरे को ताजा और चमकदार दिखाने के लिए उसे हरे रंग के घोल में डुबोती नजर आ रही थीं. दावा किया जा रहा है कि रंग मिलाकर खीरे को ज्यादा ताजा दिखाने की कोशिश की जा रही थी. वीडियो वायरल होने के बाद कटिहार आरपीएफ हरकत में आई और कार्रवाई करते हुए नौ महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. सभी महिलाएं स्टेशन परिसर में अवैध वेंडर के रूप में खीरा बेच रही थीं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में कुछ महिलाएं प्लेटफॉर्म पर बेठकर खीरे को हरे रंग में रंगती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि ये खीरे असल में सड़े या पीले पड़ चुके थे, जिन्हें बाहर से चमकदार और ताजा दिखाने के लिए रंग या केमिकल में डुबोकर तैयार किया जा रहा था। यानी जो दिख रहा है, वो सच नहीं और यही बात लोगों को सबसे ज्यादा बेचैन कर रही है।

यह वीडियो X पर @ChapraZila नाम के हैंडल से शेयर किया गया, जिसके बाद देखते ही देखते इसने हजारों लोगों का ध्यान खींच लिया। यूजर्स ने इस हरकत को “धीमा जहर” तक बता दिया। कमेंट्स की बाढ़ आ गई, किसी ने बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर चिंता जताई, तो किसी ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “अगर यही हमारे खाने में मिल रहा है, तो हम सुरक्षित कैसे हैं?”

दरअसल, बिहार के कटिहार रेलवे स्टेशन (Katihar Railway Station) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिसमें खीरा बेचने वाली दो महिला गोरखधंधा करते हुए दिखाई दे रही हैं। वीडियो में आप देख सकते हैं किस तरह खीरा को तरो ताजा दिखाने के लिए उसे हरे रंग में डुबो रही हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि यह काम वो सरेआम स्टेशन पर बैठ कर रही हैं। वहां आने-जाने वाले लोग इस नजारे को देख भी रहे हैं, लेकिन महिलाओं को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। अब सवाल ये उठता है कि जो भी इस खीरे को खाएगा उसकी सेहत पर क्या असर पड़ेगा आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय रेलवे ने भी प्रतिक्रिया दी। X पर ही @RailwaySeva के जरिए बताया गया कि संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और जांच की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। गौरतलब है कि कटिहार जंक्शन पूर्व मध्य रेलवे का एक प्रमुख स्टेशन है, जहां हर दिन हजारों यात्री गुजरते हैं और प्लेटफॉर्म पर फल-सब्जी विक्रेताओं की भरमार रहती है।

विशेषज्ञों की मानें तो सब्जियों पर इस तरह के सिंथेटिक रंग या केमिकल का इस्तेमाल बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं, एलर्जी, और लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। यह घटना सिर्फ एक स्टेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में खाद्य सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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