हरियाणा के जींद में कोरोना वैक्सीनेशन के कुछ घंटे बाद हुई मौत के तीसरे दिन भी नरवाना के मोहित का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है। परिजन नरवाना नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे हैं और डेडबॉडी मोर्चरी में रखी है। इस बीच व्यापार मंडल भी पीड़ित परिवार के साथ उतर आया और गुरुवार को CM मनोहर लाल और HM अनिल विज के पुतले फूंके।
नरवाना में कोरोना वैक्सीन लेने के बाद हुई आजाद नगर निवासी मोहित (24) की मौत का मामला शांत नहीं हो रहा है। मृतक मोहित के परिजन आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है। जींद-पटियाला नेशनल हाईवे पर जाम भी लगा चुके हैं। मोहित के शव का पोस्टमार्टम हो चुका है। परिजन मोर्चरी में रखे शव को लेने को तैयार नहीं है। गुरुवार को भी परिजन अस्पताल में धरने पर बैठे रहे। इस बीच हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग और जिला अध्यक्ष महावीर कम्प्यूटर के शिष्टमंडल ने परिजनों से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि व्यापारी उनकी लडाई में साथ हैं।
आजाद नगर निवासी मोहित (24) की 28 दिसंबर को वैक्सीन की पहली डोज़ लेने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थी। मृतक मोहित के परिजनों ने नरवाना अस्पताल के डॉक्टरों व प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। गुस्साए परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया था।परिजनों ने आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी व अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।
हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश बजरंग दास गर्ग और जींद के व्यापारी भी मोहित के परिजनों के समर्थन में उतार आए हैं। मोहित के पिता नरेश की नरवाना के इंदिरा बाजार में दुकान है। मोहित भी उसी दुकान पर बैठता था। गर्ग ने परिजनों की मांगों को जायज ठहराया है। उन्होंने कहा कि बहुत अफसोस कि बात है तीन दिन से बॉडी अस्पताल में पड़ी है। प्रशासन पीड़ित परिवार की बजाय दोषियों का साथ दे रहे हैं। हरियाणा व्यापार मंडल ने बजरंग दस गर्ग के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और स्वास्थ्य व गृहमंत्री अनिल विज का पुतला फूंका।
