हरियाणा में बारिश के बाद हालात बिगड़े हुए हैं। हथिनीकुंड बैराज के फ्लड गेट लगातार चौथे दिन (1 सितंबर सुबह 4 बजे से) खुले हुए हैं। इसमें अभी भी 1 लाख क्यूसेक के डेंजर लेवल से ज्यादा पानी आ रहा है।

हथिनीकुंड बैराज से छोड़े पानी से दिल्ली जाती यमुना का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इससे यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत के यमुना से सटे इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। वहीं दिल्ली के औखला बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद फरीदाबाद में यमुना का जलस्तर डेंजर लेवल पर पहुंच गया है।

कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी में नैंसी गांव के पास दरार पड़ चुकी है। जिसकी वजह से आसपास के खेतों में पानी घुस गया और रिहायशी इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया।

अंबाला में टांगरी नदी कल (3 सितंबर) की शाम को ओवरफ्लो हो गई थी, जिससे 17 कॉलोनियों में इसका पानी घुस गया था। अभी भी टांगरी ओवरफ्लो चल रही है। 15 हजार के डेंजर लेवल के मुकाबले इसमें 30 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है।

अंबाला में रात को बेगना नदी उफान पर आ गई। बुधवार आधी रात के बाद नदी का पानी किनारों के ऊपर से फैल गया। इससे नदी का पानी अंबाला-रुड़की नेशनल हाईवे-344 पर पहुंच गया। रात में ही हाईवे पर ट्रैफिक वनवे करना पड़ा। गुरुवार सुबह भी हाईवे की एक लेन पानी में डूबी हुई है।

कुरुक्षेत्र के पिहोवा और सिरसा में घग्गर नदी में पानी का लेवल काफी बढ़ा हुआ है। कुछ जगहों पर इसमें दरारें भी पड़ चुकी हैं। प्रदेश में इस मानसून सीजन सामान्य से 47 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

बीते कल पंचकूला में हुई भारी बारिश के चलते मोरनी हिल्स एरिया में कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुआ, जिसके कारण पंचकूला-मोरनी को जोड़ने वाली सड़क भी कई जगहों से टूट गई है।

पिछले 24 घंटे में कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, भिवानी, करनाल और यमुनानगर में घरों की छतें गिरने से 3 बच्चियों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। सिरसा में कार नहर में गिरने, यमुनानगर में यमुना में डूबने से 2 लोगों की मौत हुई। वहीं, पानीपत में 3 साल का बच्चा छत से स्लिप होकर नीचे गिर गया। उसकी मौत हो गई।

आज प्रदेश के 6 जिलों में बारिश का अलर्ट है। सुबह जींद और झज्जर में बारिश हुई, जबकि हिसार, सिरसा और फतेहाबाद में अभी भी बारिश जारी है।

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