रोहतक के गांव पहरावर स्थित नगर निगम की गोशाला में अब गोबर से दीये और लकड़ी जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे और बाजार में बेचे जाएंगे। इसके लिए गोशाला में मशीन लगाई गई है, जिसमें कर्मचारी इन उत्पादों को तैयार करेंगे।

नगर निगम कमिश्नर डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि गोशाला को मॉडल बनाने की योजना बनाई जा रही है। यह कार्य स्वयं सहायता समूह के माध्यम से किया जाएगा, जिससे गोबर का सही ढंग से निपटारा भी सुनिश्चित होगा।

गोशाला में गोबर से दीये व वर्मी कम्पोस्टिंग की शुरुआत की गई है। दीया बनाने वाली मशीन नगर निगम की गोशाला को दान के रूप में मिली है। दीये बनाने के इस कार्य से कई महिलाओं को काम मिलेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग किया जाएगा। उनके बनाए उत्पाद बाजार में बेचे जाएंगे।

नगर निगम की गोशाला में 2500 गोवंश है, जिनका 12000 किलोग्राम गोबर प्रतिदिन

इस गोबर के निस्तारण पर कार्य शुरू कर दिया है। निगम गोशाला में वर्मी कम्पोस्टिंग की जा रही है, साथ ही अन्य मशीन लगाकर गोबर से ब्लॉक अर्थात् लकड़ी जैसे उत्पाद बनाए जा रहे है। गोबर से ब्लॉक अर्थात् लकड़ी जैसे उत्पाद बनाने के लिए एक अतिरिक्त मशीन लगाई जाएगी।

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