उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान उनके साथ पीएम मोदी,रक्षा मंत्री राजनाथ,गृह मंत्री अमित शाह,भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा,केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी,केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू,केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के साथ-साथ भाजपा और एनडीए के तमाम नेता भी मौजूद रहे।
सीपी राधाकृष्णन के बारे में जानिए..
तमिलनाडु में जन्मे सीपी राधाकृष्णन गाउंडर- कोंगु वेल्लालर यानी ओबीसी समुदाय से आते हैं।वे तमिलनाडु से उपराष्ट्रपति बनने वाले वे तीसरे नेता होंगे।वे 1998 में पहली बार सांसद चुने गए और 2023 में बने झारखंड के राज्यपाल बने। 67 वर्षीय सीपी राधाकृष्णन वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। झारखंड की जिम्मेदारी संभालते हुए राधाकृष्णन ने तेलंगाना का राज्यपाल और पुडुचेरी का उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था।सीपी राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की पढ़ाई की है।
महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की..
वहीं इससे पहले सीपी राधाकृष्णन ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी,किरेन रिजिजू,अर्जुन राम मेघवाल,धर्मेंद्र प्रधान,राम मोहन नायडू किंजरापु.एल मुरुगन और भाजपा नेता विनोद तावड़े की मौजूदगी में संसद परिसर में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।
9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद का चुनाव..
उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होना है और उसी दिन मतगणना भी होगी।नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है,जबकि उम्मीदवार 25 अगस्त तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं।
बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सांसद,राज्यसभा में मनोनीत 12 सांसद और लोकसभा के 543 सांसद वोट डाल सकते हैं।इस तरह के कुल 788 लोग वोट डाल सकते हैं।
17 अगस्त को भाजपा ने की नाम की घोषणा..
बता दें कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद सीपी राधाकृष्णन के नाम की घोषणा उपराष्ट्रपति पद के लिए की थी।जगदीप धनखड़ के अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद से ये पद खाली हुआ है। 21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा दिया था।
