प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 8 नगर निगमों में 3-3 मनोनीत पार्षद नियुक्ति की गई है। नगर निगम चुनाव के बाद से ही मनाेनीत पार्षदों की सूची का इंतजार किया जा रहा है। नगर निगम सूची में स्थानीय भाजपा नेताओं के चहेतों को तवज्जो दी गई है।
हरियाणा सरकार के द्वारा रोहतक में कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश बोहर की सक्रिय राजनीति में एंट्री करवाई गई है। रोहतक नगर निगम चुनाव में उनकी पत्नी मेजर ज्योति छिक्कारा को पार्षद का टिकट दिया गया था लेकिन वो चुनाव हार गई।
रोहतक के रमेश बोहर पांचाल विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष हैं जबकि उनकी पत्नी ज्योति छिक्कारा जाट समाज से हैं। रमेश बोहर हरियाणा कुश्ती संघ के भी प्रदेश अध्यक्ष हैं। जिसके चलते पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के करीबी रहे हैं। जिसके चलते ही रोहतक वार्ड 10 से रमेश बोहर की पत्नी को मैदान में उतारा गया था।
हरियाणा में मनोनीत पार्षदों को वोटिंग का अधिकार नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव की बैठक या फिर बजट मीटिंग में कोरम पूरा करने के लिए भी वोटिंग नहीं कर सकते। मनोनीत पार्षद हाऊस की मीटिंग में केवल राय दे सकते हैं। शहर की समस्याओं को हाऊस की बैठक में उठा सकते हैं। नगर निगम के निर्वाचित पार्षदों के समान वेतन-भत्ते मिलते हैं।


