ऑल हरियाणा पॉवर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन, रोहतक सर्कल इकाई द्वारा आज बिजली कर्मचारियों की एक कन्वेंशन आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता सर्कल सचिव विकास दहिया ने की और संचालन अतिरिक्त सर्कल सचिव विनोद कुमार ने किया। कन्वेंशन में आगामी 9 जुलाई 2025 को प्रस्तावित देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारियों की समीक्षा की गई और रणनीति तय की गई।
राज्य वरिष्ठ उपप्रधान शब्बीर अहमद गनी ने कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर-कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेश भर के लाखों कर्मचारी व मजदूर 9 जुलाई को हड़ताल करेंगे। यह हड़ताल भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) को छोड़कर देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा सैकड़ों कर्मचारी संगठनों और फेडरेशनों द्वारा संयुक्त रूप से बुलाई गई है।
उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल से हरियाणा राज्य के 81 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़ी हुई बिजली दरों का बोझ डाला गया है, जबकि बिजली कंपनियां निजीकरण अनुचित है। चंडीगढ़ का उदाहरण देते हुए बताया कि पूरे देश में सबसे सस्ती दरों पर बिजली चंडीगढ़ में थी।
लाइन लॉस 10 प्रतिशत से भी कम थे। चंडीगढ़ बिजली विभाग मुनाफे में होने के बावजूद गोयनका समूह की कंपनी को बिजली वितरण काम सौंपा गया है, और अब हरियाणा में भी इसी मॉडल को लागू करने की तैयारी हो रही है।
राज्य उपप्रधान कर्मवीर सिवाज, राज्य सचिव धर्मराज कुंडू, मंजीत बजाड़, पूर्व राज्य सचिव प्रभु दयाल ने कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार “वन नेशन, वन इलेक्शन” की बात करती है, लेकिन “वन नेशन, वन पेंशन” और “वन नेशन, वन टाइप कर्मचारी (रेगुलर)” पर चुप है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने बजट संशोधन के माध्यम से 31 दिसंबर 2025 तक के पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग से बाहर करने का प्रावधान कर दिया है।
हड़ताल के प्रमुख मुद्दे:
चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) को रद्द कर पुराने 29 श्रम कानूनों की बहाली।
ठेका कर्मचारियों का नियमितीकरण, कौशल रोजगार निगम समाप्त किया जाए।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, PFRDA एक्ट को खत्म किया जाए।
सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक।
₹26,000/- न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए।
पाँच लाख से अधिक रिक्त पदों की भर्ती कर बेरोजगारों को रोजगार देना।
जनवरी 2025 में घोषित आठवें वेतन आयोग की अधिसूचना जल्द जारी की जाए।
18 महीने से लंबित डीए/डीआर का भुगतान किया जाए।
बिजली कर्मचारियों की विशेष मांगें:
कौशल रोजगार निगम के माध्यम से अनियमित सेवा समाप्त कर ठेका कर्मियों को रेगुलर किया जाए।
ऑनलाइन ट्रांसफर नीति और बिजली कंपनियों के निजीकरण की योजनाओं को रद्द किया जाए।
1 अप्रैल 2025 से लागू बिजली दरों में वृद्धि को वापस लिया जाए।
एक्स-ग्रेशिया स्कीम में लगाई गई शर्तों को हटाया जाए।
शिफ्टों में कार्यरत सभी तकनीकी कर्मचारियों को शिफ्ट भत्ता दिया जाए।
जोखिमभरे कार्य करने वाले कर्मचारियों को ₹10,000/- मासिक रिस्क भत्ता दिया जाए।
तकनीकी व क्लेरिकल स्टाफ को साल में दो बार वर्दी प्रदान की जाए।
निम्नलिखित पदाधिकारी व कर्मचारी ने कन्वेंशन में हिस्सा लिया :
यूनिट प्रधान संदीप जागडा़, जोगिंदर दांगी, विजय खासा, यूनिट सचिव सुनील शर्मा, सत्यपाल शर्मा, नवजीत खत्री आदि।
