रोहतक पुलिस की साइबर थाना की टीम ने रिश्तेदार बनकर 3 लाख 20 हजार रुपये की हुई ठगी की वारदात को हल करते हुये गिरोह मे शामिल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। आरोपी को पेश अदालत किया गया है। अदालत के आदेश पर आरोपी को न्यायिक हिरासत भेजा गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
प्रभारी थाना साइबर निरीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि ओल्ड हाउसिंग बोर्ड रोहतक निवासी सतीश चंद की शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित कर जांच शुरु की गई। प्रारंभिक जाँच में सामने आया कि दिनांक 05.03.2025 को सतीश के पास कॉल आया जिसने अपने आप को सतीश के दोस्त सज्जन का रिश्तेदार बताया जो नीदरलैंड मे रहता है। युवक ने सतीश को कहा कि वह उसके पास 4 लाख 50 हजार रुपये भेज रहा है और भारत वापिस आने पर वह रुपये वापिस ले लेगा। युवक ने कहा कि उसने रुपये भेज दिये है औऱ कल तक रुपये उसके खाते मे आ जायेगे। कुछ समय बाद युवक ने फोन कर कहा कि उसे एजेंट को 3 लाख 80 हजार रुपये भेजने है और वो रुपये मैने आपको भेज दिये है जो सतीश को कल मिलेगे। युवक ने कहा कि एजेंट को रुपये अभी देने है जिसने अस्पताल की एमरजैंसी बताकर बैंक का विवरण भेज दिया। सतीश ने उनकी बातो मे आकर कुल 3 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिये।
मामले की जांच स.उप.नि. सतीश द्वारा अमल मे लाई गई। दौराने जांच दिनांक 25.05.2025 को आरोपी अभ्यानंद पुत्र विडा निवासी बिहार को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को गिरफ़्तार कर अदालत से दो दिन के राहदारी रिमांड पर हासिल किया गया। आरोपी को दिनांक 28.05.2025 को स्थानीय अदालत रोहतक में पेश किया गया। आरोपी ने अपना बैंक खाता कमीशन पर दिया हुआ था।
गिरफ्तार आरोपी
अभ्यानंद पुत्र विडा निवासी बिहार
रजिस्ट्रड केसः-
अभियोग संख्या 33 दिनांक 12.03.2025 धारा 318(4),319(2), 336(3), 338, 340(2),61(2) बीएनएस थाना साइबर क्राइम रोहतक
Man in handcuffs 