हरियाणा सरकार ने सोमवार को नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति के तहत नेशनल और स्टेट हाईवे पर अब शराब का ठेका नहीं होगा। हाईवे पर ठेके का विज्ञापन भी नहीं कर सकेंगे। इसके उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। नेशनल व स्टेट हाईवे पर प्रचार संबंधी उल्लंघन पाए जाने पर पहली बार एक लाख रुपये, दूसरी बार दो लाख और तीसरी बार उल्लंघन करने पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा। इसके बाद उल्लंघन को गंभीर चूक माना जाएगा और ठेके का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि आबकारी नीति वर्ष को वित्त वर्ष के साथ जोड़ा गया है। यानी इसके बार जो भी नई नीति आएगी, वह अप्रैल से मार्च वित्त वर्ष के अनुसार ही संचालित होगी। सोमवार को मंजूरी की गई नई नीति 12 जून 2025 से 31 मार्च 2027 तक यानी 21.5 महीनों के लिए लागू होगी। इस नीति के तहत वित्त वर्ष 2025–26 के लिए सरकार ने 14,064 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। 2024-25 में आबकारी एवं कराधान विभाग ने 12,650 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 12,700 करोड़ रुपये का संग्रहण किया था। नई नीति में अस्थायी लाइसेंस (एल-12ए और एल-12ए-सी) प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल किया गया है। बिना पंजीकृत व्यावसायिक स्थलों जैसे बैंक्वेट हॉल में एक दिन के लिए गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरी क्षेत्रों के लिए एक दिन के लाइसेंस के लिए अधिक शुल्क वसूला जाएगा।
जिन गांवों की आबादी 500 या उससे कम है, वहां अब कोई भी ठेका नहीं होगा। यानी कोई भी उप-विक्रय केंद्र (सब-वेंड) स्थापित नहीं किया जाएगा। पहले इन गांवों में 152 ठेके थे, जो अब बंद होंगे। सीएम ने बताया कि यह फैसला जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
नई आबकारी नीति में अहाता खोलने की फीस भी तय कर दी गई है। गुरुग्राम में यदि कोई अहाता खोलना चालता है तो लाइसेंस फीस का चार प्रतिशत देना होगा। फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला के लिए लाइसेंस फीस की तीन प्रतिशत राशि तय कीर गई है। बाकी जिलों में लाइसेंस फीस की एक फीसदी राशि देकर अहाता खोला जा सकेगा। इसके साथ ही अहाता की जगह भी निर्धारित कर दी गई है। पहले जगह की कोई सीमा तय नहीं थी। नई नीति में अब अहाते के लिए एक हजार स्क्वायर मीटर एरिया निर्धारित किया गया है।
अंग्रेजी शराब के रेट कर 15% तक बढ़ जाएंगे, क्योंकि इस बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है और ठेकों की रिजर्व प्राइस में भी इजाफा हुआ है जिस कारण अंग्रेजी शराब के रेट में करीब 15% तक का इजाफा होगा।
