पिछले 1 साल से ज्यादा समय से किसान आंदोलन के कारण बंद पड़ी दिल्ली की सीमाएं जल्द खुलने वाली हैं। टीकरी बॉर्डर पर पुलिस ने कंक्रीट, लोहे के बड़े बैरिकेड हटा लिए व लोहे की कीलों को भी उखाड़ फेंका गया है। अब सिर्फ एक टेंपरेरी लोहे के बैरिकेड की लेयर दिल्ली और हरियाणा की सीमा के बीच लगी है। लगभग सभी किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ घर लौट चुके हैं तथा किसानों की लंगर सेवा के लिए लगाया गया आखिरी टेंट भी अब किसानों ने हटा दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार आज दिल्ली पुलिस दिल्ली की सीमा पर टीकरी बॉर्डर का रास्ता खोल देगी। परिवहन की दृष्टि से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 पर टीकरी बॉर्डर का रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है। दिल्ली-रोहतक नेशनल हाईवे का यह रास्ता आधे हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के काफी हिस्सों को जोड़ता है। रोजाना करीब 3 से 4 लाख वाहन इस रास्ते से होकर दिल्ली आवागमन करते थे। लेकिन, 1 साल पहले किसान आंदोलन के चलते यह रास्ता बंद कर दिया गया था।

अब कुछ घंटे बाद ही एक बार फिर से रास्ता खुलने से आम लोगों को काफी सहूलियत होगी। क्योंकि बॉर्डर बंद होने के कारण लोगों को कच्चे-पक्के रास्तों से होकर देश की राजधानी दिल्ली से आवागमन करना पड़ रहा था। आपको बता दें वाहन चालक किसानों के हटते ही बॉर्डर पर दिल्ली जाने के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन रास्ता पूरी तरह से क्लियर नहीं होने के कारण पुलिस ने बैरिकेड लगा रखे हैं। जिसके चलते अभी वाहन चालकों को वापिस मुड़कर जाना पड़ रहा है।
पुलिस अधिकारियों की मानें तो कुछ घंटे बाद ही यह बैरिकेड हटा दिए जाएंगे, जिसके बाद वाहन देश की राजधानी दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगे। रास्ते खुलने के साथ ही दिल्ली एमसीडी टोल भी शुरू हो जाएगा, जिसके चलते कमर्शियल वाहनों को टोल भी अदा करना पड़ेगा।
