किसानों की घर वापसी के साथ ही टीकरी बॉर्डर को खोलने की कवायद शुरू हो गई है। जेसीबी पहुंच गई है, जो कंक्रीट के ढांचे तोड़ रही है। दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड हटाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ झज्जर के एसपी वसीम अकरम ने भी टीकरी बॉर्डर का दौरा किया। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही रोहतक-दिल्ली नेशनल हाईवे नम्बर-9 पर वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।

बता दें कि कृषि कानून वापस ले लिए गए हैं और किसानों की अन्य मांगों पर संयुक्त किसान मोर्चा व केंद्र सरकार के बीच सहमति भी बन गई है। ऐसा होते ही किसान भी शनिवार को घर लौट गए। 2 दिन के अंदर टीकरी बॉर्डर पर डटे 80% से ज्यादा किसान अपना सामान समेटकर घर वापसी कर चुके हैं। कुछ जगह अभी झोपड़ी और टेंट हटाने का काम चल रहा है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड हटाने शुरू कर दिए हैं।

इससे पहले अक्टूबर माह में दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर और टीकरी बॉर्डर से बैरिकेडिंग कम की थी। 26 नवंबर 2020 को टीकरी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने के बाद पुलिस ने यहां भारी भरकम सुरक्षा इंतजाम किए थे। इसके बाद 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा को देखते हुए टीकरी बॉर्डर पर 7 लेयर की बैरिकेडिंग की गई थी। सड़क पर कीलें गाड़ी गई थीं। किसानों के जाने के बाद बची बैरिकेडिंग भी हटाई जा रही है।

झज्जर एसपी वसीम अकरम ने दोपहर 1 बजे टीकरी बॉर्डर का दौरा किया। उनके साथ पुलिस के अधिकारी भी थे। टीकरी बॉर्डर से ज्यादातर किसान जा चुके हैं। कुछ जगह किसान अभी सामान समेटने में लगे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आज शाम तक ही टीकरी बॉर्डर से किसानों के तमाम टेंट और झोपड़ियां हट जाएंगे।

हालांकि नेशनल हाईवे को चालू होने में अभी कुछ और वक्त लग सकता है। क्योंकि सड़क के बीचो-बीच किसानों द्वारा अस्थाई आशियाने बनाने की वजह से काफी जगह सड़क टूटी हुई है। इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सड़क के बीच में जो कीलें गाड़ी थीं, वह हटा तो ली गई हैं, लेकिन अब सड़क को ठीक किया जाना है।

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