मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के दिन सुबह-सुबह भगदड़ मचने से हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि करीब 20 से 25 लोग घायल हो गए हैं. वहीं मेला अधिकारी अखाड़ों के पदाधिकारी से बात कर रहे हैं ताकि साधु-संत मौनी अमावस्या पर स्नान कर सकें. घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मेला में भगदड़ के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है.
महाकुंभ का आज दूसरा अमृत स्नान है. मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर साधु-संतों के साथ श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में संगम में डुबकी लगाई. उम्मीद जताई जा रही है कि आज करीब 10 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं. ऐसे में सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है. साथ ही किसी भी तरह की कोई असुविधा ना हो, इसके लिए भी मेला प्रशासन की तरफ से व्यवस्था की गई है. बीते मंगलवार को करोड़ों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई. इस अमृत स्नान के बाद एक और अमृत स्नान बाकी है. इस बार के महाकुंभ में कुल तीन अमृत स्नान हैं. 13 जनवरी से आयोजित महाकुंभ 26 फरवरी तक चलेगा. बीते मंगलवार यानी कि 28 फरवरी तक 16 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई.
मौनी अमावस्या पर बन रहा समुद्र मंथन तुल्य योग. 8 फरवरी तक मिलेगा अमृत स्नान का पुण्य लाभ. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, महाकुंभ में मौनी अमावस्या तिथि के दिन बन रहा है विशिष्ट त्रिवेणी संयोग. 29 जनवरी से 8 फरवरी प्रातः तक किसी भी समय स्नान करने पर मिलेगा अमृत समान जैसा पुण्य.
महाकुंभ में भगदड़ के बाद मेला अधिकारी ने दिया आदेश. अखाड़े से हो रही है बातचीत, स्नान का समय थोड़ी देर में होगा तय. हम चाहते हैं कि अखाड़े स्नान करें, उसके लिए व्यवस्था कर रहे हैं अधिकारी. अखाड़े के पदाधिकारी से बातचीत का क्रम लगातार है जारी. सभी पीपा पुल और बैरिकेडिंग को खोलने के आदेश दिए. संगम नोज पर भीड़ इकट्ठा ना करें. किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है. पुलिस के अधिकारी खुद मौके पर मौजूद है.
प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ मेले की स्थिति के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की. घटनाक्रम की समीक्षा की और तत्काल सहायता उपाय करने का आह्वान किया.
महाकुंभ में संगम तट पर भगदड़ मिलने के बाद अखाड़ों ने ऐलान किया है कि आज का अमृत स्नान देरी से शुरू किया जाएगा. हालांकि पहले जानकारी सामने आई थी कि आज अखाड़ों के साधु-संत स्नान नहीं करेंगे.
महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान पर्व से जुड़ी बड़ी खबर. संगम क्षेत्र में भगदड़ की घटना के बाद अमृत स्नान का कार्यक्रम रद्द. आज कोई भी अखाड़ा अमृत स्नान नहीं करेगा. अखाड़ों ने अपने जुलूस भी वापस शिविरों में बुला लिए हैं. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने दी जानकारी.
महाकुंभ में क्राउड डायवर्जन प्लान हुआ लागू. महाकुंभ में श्रद्धालुओं की एंट्री रोकी गई. शहर के बाहर ही श्रद्धालुओं के जत्थों को रोका गया. 10 से ज्यादा जिलाधिकारियों को क्राउड मैनेजमेंट की मिली जिम्मेदारी. भीड़ को काबू में करने के लिए प्रयागराज के बॉर्डर के इलाकों में अधिकारियों को किया गया सक्रिय.
महाकुंभ के मौनी अमावस्या पर उमड़ रही भारी भीड़ को लेकर शंकराचार्य और अखाड़ों ने श्रद्धालुओं के नाम अपील जारी की थी कि महाकुंभ क्षेत्र के सभी घाटों पर पुण्य डुबकी लगाएं श्रद्धालु. महाकुंभ क्षेत्र में मौनी अमावस्या में किसी भी स्थान पर स्नान का मिलता है एक समान पुण्य.
महाकुंभ में मची भगदड़ के बीच प्रयागराज के सीएमओ मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी हाउस पहुंचे हैं. वहां मृतक के परिजनों से शवों की शिनाख्त कराई जा रही है. वहीं से हादसे के बाद श्रद्धालुओं के एक बड़े जत्थे को सिविल लाइन इलाके में रोका गया था. संगम में हालात सामान्य होने के बाद श्रद्धालुओं को संगम के लिए रवाना कर दिया गया है. इस हादसे के बाद प्रयागराज जंक्शन पर रैपिड एक्शन फोर्स के अलावा जीआरपी के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. हालांकि प्रयागराज जंक्शन पर अभी स्थिति पूरी तरह सामान्य है.
महाकुंभ में संगम तट पर रात करीब 1:30 बजे भारी भीड़ जुट गई. भीड़ की वजह से लोगों की सांसें फुलने लगीं. इसके बाद बैरिकेटिंग टूटने से भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. इससे 50 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए. पुलिस ने सभी घायलों को रेस्क्यू कर 50 से ज्यादा एंबुलेंस की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया. इन श्रद्धालुओं की हालत गंभीर थी. उन्हें प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि हादसे में कई लोगों की मौत की खबर सामने आई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है.

महाकुंभ में भगदड़ को लेकर लखनऊ में हलचल बढ़ गई है. यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश आनन-फानन में सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर पहुंचे हैं. सीएम योगी प्रयागराज महाकुंभ में हुई घटना पर लेटेस्ट जानकारी ले रहे हैं. खबर है कि यूपी पुलिस मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम में रात भर पुलिस अफसर डटे रहे. खुद डीजीपी प्रशांत कुमार,एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश,आईजी एलओ एल आर कुमार रात भर जगर कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग करते रहे.
महाकुंभ भगदड़ के बीच अब अमृत स्नान को लेकर बड़ा अपडेट है. अखाड़ा परिषद के मुखिया रवींद्र पुरी ने कहा कि छोटे जुलूस में साधू-संत अमृत स्नान करेंगे. मौनी अमावस्या का स्नान बेरोक-टोक चलेगा. वहीं, मेला जिला अधिकारी विजय किरण के मुताबिक 10 बजे से अमृत स्नान शुरू हो जाएगा. इससे पहले खबर थी कि आज अमृत स्नान नहीं हो पाएगा.
महाकुंभ क्षेत्र में अचानक आधी रात को अफरा-तफरी मची. मध्य रात्रि के करीब डेढ़ से दो के बीच में मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ हुई. इसमें 35 से 40 लोग घायल हो गए. बताया जा रहा है कि कुछ सीरियस इंजर्ड हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. सूत्रों के हवाले से अब सूचना है कि कुछ लोगों की मृत्यु भी हो गई है. महाकुंभ क्षेत्र में हुई भगदड़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दो बार फोन लाइन पर बात की है.
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने अमृत स्नान को फिलहाल स्थगित कर दिया है. जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा है कि लोग स्थिर रहें. संगम की तरफ ना जाएं. अपने नजदीकी घाट पर ही स्नान कर लें.
महाकुंभ में भगदड़ हादसे को लेकर प्रयागराज में मौजूद धार्मिक गुरुओं ने एक सामूहिक निर्णय लिया है. इसके मुताबिक, धर्मगुरु भक्तों से अपील करें कि आज के अवसर पर संगम क्षेत्र या कुंभ की जगह आने की अनिवार्यता नहीं है.
धर्मगुरुओं में यह भी सहमति बनी है कि भक्तों से अपील करें जो जहां हैं, वहीं अपने निवास पर रहें. घर से बाहर न निकलें. सिर्फ अखाड़ा परिषद या कुछ अन्य संगठन इस हादसे के बाद स्नान पर विचार करें. बाकी कोई भी धर्मगुरु अपने भक्तों को दूर से यहां नहीं बुलाएगा.
महाकुंभ मेले में मची भगदड़ से अब दिल दहला देने वाली तस्वीरें आ रही हैं. सभी अपनों को ढूंढने में लगे हैं. रोते-बिलखते परिजन कुंभ मेला में बिछड़े अपनों को ढूंढ रहे हैं. किसी का भाई खो गया है तो किसी का बच्चा. फिलहाल, पुलिस की टीम भीड़ को कंट्रोल करने में जुटी हुई है. अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है. सीएम योगी खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

