रोहतक के गांव पटवापुर निवासी कुलदीप ने बताया कि उसके परिवार में भाई लगने वाला करीब 60 वर्षीय उमेद मनरेगा के तहत मजदूरी करता है। जो शनिवार को गांव पटवापुर-बनियानी के बीच से होकर गुजरने वाले रजवाहे पर काम करने के लिए गया था। इसी दौरान उमेद का पांव फिसल गया और वह धान के खेत में गिर गया। धान का खेत रजवाहे से करीब 5-6 फीट नीचे हैं। इसलिए उमेद पानी से भरे धान के खेत में गिर गया और उससे उठा नहीं किया। पानी में गिरा रहने के कारण वह डूब गया औ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि जब उमेद घर नहीं लौटा तो परिवार वालों ने उसे खोजने का प्रयास किया। लेकिन कहीं सुराग नहीं लगा। रविवार को उमेद का शव रजवाहे के पास धान के खेत में पड़ा हुआ मिला। जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मृतक उमेद दो बच्चों (एक बेटे व एक बेटी) के पिता था। जो मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। वहीं उनकी पत्नी ओमी स्कूल में मिड-डे-मील के तहत लगी हुई हैं।
कलानौर थाना के एसएचओ सुलेंद्र सिंह ने बताया कि गांव पटवापुर में मनरेगा मजदूर का शव धान के खेत में पड़ा हुआ मिला था। प्राथमिक जांच के अनुसार काम करते समय पांव फिसलने से वह धान में गिर गया और उसकी पानी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने जांच के लिए घटनास्थल पर एफएसएल टीम को भी बुलाया। फिलहाल परिवार वालों के बयान पर इत्फाकिया कार्रवाई की है।
