हरियाणा विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस ने बागी नेताओं पर बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने 11 विधानसभाओं के 13 नेताओं को एक साथ निष्कासित कर दिया है। कारण बताया गया है कि ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

बताया जा रहा है कि ये सभी नेता हरियाणा विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने और पार्टी की ओर से उनकी अनदेखी किए जाने से नाराज थे। इसलिए, कुछ नेता निर्दलीय ही कांग्रेस उम्मीदवार के सामने चुनावी मैदान में उतर गए थे, और कुछ नेता पार्टी उम्मीदवार को सपोर्ट नहीं कर रहे थे।

पार्टी अध्यक्ष चौधरी उदयभान की सिफारिश पर 13 नेताओं को निष्कासित किया गया है। इनमें कलायत विधानसभा सीट से टिकट कटने से निर्दलीय चुनाव लड़ रही अनीता ढुल, पानीपत ग्रामीण से विजय जैन, आरक्षित सीट गुहला से नरेश ढांडे, जींद से प्रदीप गिल, पुंडरी से सज्जन सिंह ढुुल और सुनीता बट्‌टन को 6 साल के लिए निकाला है।

वहीं, आरक्षित विधानसभा सीट निलोखेरी से राजीव गोंदर और दयाल सिंह सिरोही, उचानां कलां से दिलबाग संडील, दादरी से अजीत फोगाट, भिवानी से अभिजीत सिंह, आरक्षित सीट बवानी खेड़ा से सतवीर रतेड़ा और पृथला विधानसभा से नीत मान को पार्टी से 6 सालों के लिए निष्कासित किया गया है।

इससे पहले गुरुवार को पार्टी ने फरीदाबाद की तिगांव विधानसभा से विधायक रहे ललित नागर को भी 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। ललित नागर तिंगाव से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने यशपाल नागर के बेटे रोहित नागर को टिकट दिया। इसके बाद ललित नागर बागी हो गए। वह तिगांव से ही निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

नागर के अलावा पार्टी अंबाला कैंट से निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरीं चित्रा सरवारा और बहादुरगढ़ सीट से टिकट कटने पर नाराज हुए राजेश जून पर कार्रवाई कर 6 साल के लिए निष्कासित कर चुकी है। कुल मिलाकर पार्टी ने अब तक 16 नेताओं पर कार्रवाई की है।

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