रोहतक पीजीआई के डॉक्टर पिछले 11 दिनों से हड़ताल जारी है। शुक्रवार को डॉक्टर ने हड़ताल के दौरान अपने मन के भाव स्टिकी नोट्स के माध्यम से सफेद फ्लेक्स पर लिखे। चिकित्सकों ने कहा कि सभी को सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। तभी वे सुरक्षित होकर लोगों का इलाज कर सकते हैं। साथ ही कोलकाता में हुई वारदात मामले में भी जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाए।

कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ रेप व हत्या की दरिंदगी के खिलाफ रोहतक पीजीआई के डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू की थी। हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों ने कहा कि उनकी पीजीआई से संबंधित स्थानीय भी मांग है। डॉ. प्रिया कौशिक ने कहा कि डॉक्टरों ने कहा कि लेबर रूम की एंट्री डॉक्टर्स हॉस्टल की तरफ खुलती है। जिससे सारा दिन लेबर रूम के मरीजों के साथ आने वाले परिजनों, ऑटो रिक्शा, एंबुलेंस, प्राइवेट वाहन एवं इनकी आड़ में असामाजिक तत्वों का तांता लगा रहता है।

उन्होंने कहा कि सांयकाल एवं रात्रि में लेबर रूम के मरीजों के साथ आए परिजन एवं उनकी आड़ में अन्य असामाजिक तत्व समूह बनाकर ताश खेलते है। नशा करते है, जिससे वहां से गुजरने वाले रेजिडेंट डॉक्टर्स विशेषकर महिला डॉक्टर एवं छात्रों को बहुत असुरक्षित महसूस होता है। कई बार इस तरह के परिजन और असामाजिक तत्व डीन पार्क और लाइब्रेरी तक के आसपास बैठकर शराब, हुक्का इत्यादि पीते हैं। इसलिए लेबर रूम की डॉक्टर्स हॉस्टल की तरफ वाली एंट्री को बंद कर कहीं और से एंट्री दी जाए। इसके अलावा भी कई मांग है, उनको भी पूरा किया जाए।

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