हरियाणा में अब कचरे से बिजली पैदा की जाएगी। इससे न सिर्फ शहर साफ होंगे बल्कि बिजली की जरूरत भी पूरी होगी। हरियाणा को अपनी बिजली की जरूरतें पूरी करने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है। हरियाणा में हर साल बिजली की मांग बढ़ती जा रही है।

इसको लेकर आज चंडीगढ़ में हरियाणा और केंद्र सरकार के बीच एक एमओयू साइन हुआ है। यह एमओयू विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) और हरियाणा के दिल्ली से सटे गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगम के बीच साइन हुआ है।

केंद्र सरकार के सहयोग से गुरुग्राम और फरीदाबाद में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाए जाएंगे। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट शुरू होने से न सिर्फ इन शहरों से निकलने वाले कचरे का निपटान होगा बल्कि इस कचरे से ऊर्जा की जरूरतें भी पूरी होंगी।

मनोहर लाल ने हरियाणा के पावर प्लांट झांडली और खेदड़ में एक और यूनिट लगाने की बात कही थी, इसके अलावा उन्होंने कहा था कि हरियाणा के यमुनानगर में 800 मेगावाट यूनिट क्षमता के नए दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। इससे हरियाणा को अतिरिक्त बिजली मिलेगी।

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