हरियाणा में फिर से मौसम बदल गया है। प्रदेश के कैथल, झज्जर, बहादुरगढ़, पानीपत में 24 घंटे के दौरान बारिश और ओलावृष्टि हुई है। दो जिले हिसार और कैथल में आकाशीय बिजली गिरने के भी मामले आए हैं।
कैथल के बालू में खेतों में भूसा निकाल रहे एक किसान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत भी हो गई। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने आज भी 11 जिलों में यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
जींद, फतेहाबाद, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र और पंचकूला में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सिरसा, हिसार, पानीपत, अंबाला और यमुनानगर में यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने कहा है कि ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि के असार हैं। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी।
वहीं यलो अलर्ट वाले जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और हल्की बूंदाबांदी की संभावनाएं बनी हुई है।
हरियाणा में बारिश के अलर्ट को लेकर एक बार फिर किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसका कारण है मंडियों में गेहूं के धीमे उठान हो रहा है। प्रदेश में करीब 60% गेहूं की फसल मंडियों में पहुंच चुकी है।
21 अप्रैल तक मंडियों में करीब 46.54 लाख टन गेहूं पहुंच चुका है, लेकिन 40 लाख टन ही गेहूं की खरीद हुई है।हैरानी इस बात की है कि अभी इस गेहूं की फसल में सिर्फ 2.70 लाख मीट्रिक टन ही फसल का उठान हुआ है। ओवरआल सिर्फ 36% ही फसल का उठान हो पाया है, बाकी गेहूं मंडियों में खुला पड़ा हुआ है।
मौसम विभाग के अलर्ट को लेकर फिर से सूबे के किसानों की चिंताए बढ़ गई है। दक्षिण और दक्षिण पूर्व के रोहतक, सोनीपत, पानीपत इसके अलावा पश्चिम और दक्षिण पश्चिम के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, चरखी दादरी और भिवानी को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
