हरियाणा के नए मुख्यमंत्री नायब सैनी का दूसरा मंत्रिमंडल का विस्तार मंगलवार को पूरा हो गया। राजभवन में गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय ने एक कैबिनेट और 7 राज्यमंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

सबसे अहम बात यह रही कि दूसरे विस्तार में एक भी निर्दलीय विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। जबकि भाजपा ने जजपा से गठबंधन तोड़कर 6 निर्दलीयों और एक हलोपा विधायक गोपाल कांडा के समर्थन से सरकार बनाई है। वहीं जूनियर महिला कोच सेक्शुअल हैरेसमेंट केस में फंसे संदीप सिंह की मंत्रिमंडल से छुट्‌टी कर दी गई है।

कुछ दिन पहले दिल्ली में सीएम नायब सैनी, पूर्व सीएम मनोहर लाल को केंद्रीय मंत्री अमित शाह और जेपी नड्‌डा से मंथन के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की मंजूरी मिली थी। अब हरियाणा मंत्रिमंडल में 13 मंत्री हो गए हैं।

वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल विज शपथ समारोह में नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि मुझे शपथ ग्रहण की कोई जानकारी नहीं है। चर्चा थी कि मुख्यमंत्री नायब सैनी अंबाला कैंट के दौरे के दौरान अनिल विज से मुलाकात कर सकते हैं, लेकिन सीएम सैनी विज से बिना मुलाकात किए ही वापस लौट गए।

इससे पहले 12 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ कंवरपाल गुर्जर, जेपी दलाल, मूलचंद शर्मा, डॉ. बनवारी लाल के अलावा निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह चौटाला ने मंत्री पद की शपथ ली थी।

मंत्रिमंडल विस्तार में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को राव इंद्रजीत सिंह के किसी भी समर्थक विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया, बल्कि उनके विरोधी गुट में गिने जाने वाले नांगल चौधरी से विधायक डॉ. अभय यादव को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। हालांकि बावल से विधायक डॉ. बनवारी लाल पहले ही शपथ ले चुके हैं।

उन्हें भी राव समर्थित ही माना जाता है, लेकिन मनोहर सरकार के दूसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद डॉ. बनवारी लाल को राव इंद्रजीत सिंह से ज्यादा पूर्व सीएम मनोहर लाल का खास ज्यादा माना जाता है।

इससे पहले मनोहर लाल की कैबिनेट में राव इंद्रजीत सिंह समर्थित नारनौल से विधायक ओमप्रकाश यादव शामिल थे, लेकिन नायब सैनी के मंत्रिमंडल में उन्हें जगह नहीं मिल पाई है।

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