पीजीआईएमएस में अब आधुनिक तरीके से पोस्टमार्टम किए जाएंगे। इसमें वर्चुअल ऑटोप्सी की विधि को अपनाया जाएगा। इस विधि में मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए शव को चीरा लगाने के जरूरत नहीं होगी। वहीं रिपोर्ट पुलिस के केस में मददगार होगी। इस आधुनिक तकनीक को अपनाने वाला पीजीआई देश का तीसरा संस्थान बन गया है। वर्चुअल ऑटोप्सी विधि से पोस्टमार्टम करने के तरीके को जानने के लिए 18 मार्च को इंग्लैंड से विशेषज्ञों को बुलाया गया है। ये डॉक्टरों के साथ ही पुलिस अफसरों को भी फोरेंसिक की जानकारी साझा करेंगे। आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस पर पीजीआई के ओर से 32 करोड रुपए खर्च किए गए हैं। इस नई तकनीक में शव को चीरा लगाने की जरूरत नहीं होगी। परिजनों को एकदम सुरक्षित शव अंतिम संस्कार के लिए मिलेगा। वहीं आधुनिक तकनीक के कारण शव की अंदर से लेकर बाहर तक की सभी स्थितियों का पता लगाया जा सकेगा। वर्चुअल ऑटोप्सी : इस प्रकार से पोस्टमार्टम करने में पहले शव का एक्सरे, सिटी स्कैन, ऑटोप्सी करेंगे। जिससे बॉडी में हर चीज दिखाई देगी। फिर उसी जगह पर छोटा सा चीरा लगाकर बिसरा निकाल लिया जाएगा। हड्डी के बीच में गोली होने पर भी वह देखी जा सकेगी। जिससे आसानी से निकाला जा सकेगा। इससे कम समय में काम होगा। साथ ही सभी चोटों के निशाना एकदम साफ दिखाई देंगे। जिससे शव की पूरी स्थिति की जानकारी केस की जांच कर रही पुलिस को भी मिलेगी। मेनुअल पोस्टमार्टम : इसमें पहले शव को चीरना पड़ता है। फिर बॉडी से बिसरा निकाला जाता है। खासतौर पर शव की हड्डी में फंसी गोली या अन्य किसी चीज को केवल शक के आधार पर ढूंढना पड़ता है। हड्डी की भीतर गोली को निकालने के लिए पूरी हड्डी भी तोड़नी पड़ती है। इसमें समय भी असीमित लग जाता है। जबकि पुलिस केस में गोली निकालना बेहद जरूरी होता है।
इंग्लैंड के 3 विशेषज्ञों के साथ डीजीपी शत्रुजीत भी इस प्रोग्राम में होंगे शामिल 18 मार्च को पीजीआई में वर्चुअल ऑटोप्सी विधि से पोस्टमार्टम की जानकारी देने के लिए इंग्लैंड से तीन विशेषज्ञ डॉक्टर आएंगे। इसके साथ ही डीजीपी शत्रुजीत कपूर समेत अन्य पुलिस अफसरों को भी बुलाया गया है। इसमें पोस्टमार्टम के नए तरीकों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। जो पीजीआईएमएस के चिकित्सकों और पुलिस अफसरों को उपयोगी जानकारी देंगे। आधुनिक तकनीक से पोस्टमार्टम करने में पीजीआईएमएस देश का तीसरा संस्थान बनेगा। इससे पहले एम्स और असम में ही बिना चीरा लगाए पोस्टमार्टम किए जा रहे हैं।
^ नया आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस लगभग बनकर तैयार हो गया है। कुछ समय बाद इसी में पोस्टमार्टम होंगे। जिसमें शव में चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें विषय पर नेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। – डॉ. एसके धत्तरवाल, एचओडी, पीजीआईएमएस
