हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट पर आज नामांकन दाखिल किया जाएगा। इस एक सीट के लिए भाजपा की ओर से सुभाष बराला को प्रत्याशी घोषित किया गया है। इस चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवार को निर्धारित 46 वोट चाहिए, जो केवल सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन के पास ही हैं। जबकि, कांग्रेस के पास सिर्फ 30 ही वोट हैं। ऐसी स्थिति में तय है कि इस बार चुनाव में वोटिंग नहीं होगी।

नामांकन वापसी के दिन अर्थात 20 फरवरी को ही रिटर्निंग ऑफिसर (RO) द्वारा उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित कर इलेक्शन सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा।

2019 में हुए विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी सीएम मनोहर लाल ने सुभाष बराला को हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो चेयरमैन बना दिया था। इससे पहले बराला हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। चूंकि बराला सीएम मनोहर लाल के काफी करीबी हैं, इसलिए इस बार सीएम ने खुद ही उनके नाम को लेकर लॉबिंग की। इस कारण उन्होंने प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्‌डा से खुद चर्चा की।

देश के 15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। इन सभी सीटों पर 27 फरवरी को मतदान होगा। 13 राज्यों के 50 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जबकि दो राज्यों के शेष 6 सदस्य तीन अप्रैल को रिटायर्ड हो जाएंगे।

जिन 15 राज्यों में राज्यसभा चुनाव होने हैं, उनमें हरियाणा के साथ उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, कर्नाटक, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।

हरियाणा में 27 फरवरी को राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले चुनाव से पहले विधानसभा सचिव आरके नांदल की रिटर्निंग अधिकारी (RO) से छुट्‌टी की गई है। नांदल हरियाणा विधानसभा में 2016 में हुए स्याही कांड से सुर्खियों में आए थे। इस चुनाव में ऐसा कोई विवाद न हो, इसके लिए भारतीय चुनाव आयोग ने सीनियर IAS और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक साकेत कुमार को रिटर्निंग अधिकारी (RO) बनाया है। विधानसभा उप सचिव गौरव गोयल सहायक रिटर्निंग अधिकारी (ARO) की जिम्मेदारी दी गई है।

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