हरियाणा में मानसून एक्टिव होने से बारिश को लेकर अभी कोई राहत मिलने के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने सूबे में 31 जुलाई तक बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। सूबे के 16 जिलों में आज भी बारिश होने का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुड़गाांव, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत और पानीपत शामिल हैं। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है, जबकि यलो अलर्ट वाले जिलों में 200 मिलीमीटर से कम बारिश होने की आशंका है।
अंबाला में मारकंडा व बेगना नदी का पानी खेतों से होते हुए अंबाला-रुड़की नेशनल हाईवे-344 पर आ गया। यह पानी पहले से ही बाढ़ग्रस्त 5 गांवों में भी घुस गया है। इसलिए अंबाला कैंट प्रशासन की ओर से मुनादी कराई गई है। कुरुक्षेत्र में मारकंडा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। हालांकि सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि राज्य में बाढ़ को लेकर हालात अब सामान्य होने लगे हैं।
हरियाणा में 11 जुलाई से बाढ़ के हालात बनने शुरू हो गए थे, अभी भी कई जगह जलभराव है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सूबे में अब तक बुखार के 8125, पेट से जुड़ी बीमारियों के 1932, आई फ्लू के 3000, त्वचा से संबंधित रोग के 10444 व अन्य रोगों के 35249 मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा सांप काटने के 44 मामले सामने आए और 2 लोगों की मौत हुई है।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, डेंगू मच्छर का लारवा 3 दिन में ही पनप रहा है। इस बार बारिश के बाद उमस तेजी से बढ़ी है, जो लारवा के पनपने के लिए अनुकूल है। ऐसे में लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। कहीं भी पानी जमा न होने दें।
डेंगू से 4 जिलों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। जींद में अब तक 50 केस सामने आ चुके हैं। वहीं यमुनानगर में 14, रोहतक में 13, रेवाड़ी में 15 और सोनीपत में 8 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। नूंह में एक मरीज की मौत भी हुई है। इसके अलावा मलेरिया के 18 और चिकनगुनिया के 3 कंफर्म केस आ चुके हैं।
