हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रो में बीती रात भारी बारिश से खूब तबाही हुई। किन्नौर जिले के अलावा शिमला के रोहड़ू और रामपुर में भी रातभर भारी हुई। इससे सांगला के कामरू नाला में फ्लैश फ्लड की चपेट में आने से एक दर्जन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं ठियोग के शिलारू में भी NH-5 लैंडस्लाइड के बाद अवरुद्ध हो गया।

वहीं शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 भी झाखड़ी के पास हेवी रेनफॉल के बाद सड़क बह जाने के बाद बंद पड़ा है। इससे किन्नौर जिले का राजधानी से संपर्क कट गया है। पहाड़ों पर भारी बारिश के बाद सतलुज नदी का जल स्तर भी काफी बढ़ गया है। प्रदेश में अगले चार-पांच दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं हैं।

पहाड़ों पर इस मानसून में नॉर्मल से 132 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। पिछले 24 घंटे के दौरान भी भारी बारिश ने खूब कहर बरपाया है। चंबा और कुल्लू जिले में फ्लैश फ्लड में बहने से 2 लोगों की मौत हो गई।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में आगामी 23 जुलाई तक बारिश का यलो अलर्ट दिया है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों भारी बारिश या बादल फटने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। वहीं राज्य सरकार ने इसे देखते हुए जनता को उफनते हुए नदी-नालों, लैंडस्लाइड क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी है। इस संदर्भ में एक एडवाइजरी भी जारी की गई है।

प्रदेश में पिछले सप्ताह की भारी बारिश के बाद 735 सड़कें 10 दिन से बंद पड़ी हैं। इससे 780 से ज्यादा रूटों पर बस सेवाएं एक सप्ताह से ठप हैं। लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग बंद होने से सेब ढुलाई पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।​​​​​​

प्रदेश में मौजूदा मानसून सीजन के दौरान 138 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 38 लोगों की जान लैंड स्लाइड व फ्लैश फ्लड के कारण हुई है। 12 लोग अभी भी लापता हैं।

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