बाढ़ की चपेट में आए हरियाणा को 2 नदियों ने डुबोया। यह नदियां यमुना और घग्गर हैं। यमुना ने हथिनीकुंड बैराज से पलवल तक 252 किलोमीटर के रूट पर पड़ने वाले 100 से अधिक गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। वहीं घग्गर का पानी भी पंचकूला से फतेहाबाद-सिरसा तक कई गांवों में घुस चुका है। इन नदियों के साथ सूबे की 4 सहायक नदियां सोम, टांगरी, मारकंडा और सरस्वती ने भी पूरा साथ दिया।

हरियाणा में बाढ़ से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 4 लोग लापता हैं। 126 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 106 को नुकसान पहुंचा है। सरकार की ओर से अंबाला, यमुनानगर, करनाल और पानीपत में सेना बुलाई गई है। 1.24 लाख हेक्टेयर फसलों को नुकसान पहुंचा है।

हरियाणा में यमुना नदी का एंट्री हथिनीकुंड बैराज से होती है। इस बार बैराज से छोड़े गए पानी ने यमुनानगर तक 10 से ज्यादा गांवों को प्रभावित किया। यहां यमुना के पानी से 15 हजार एकड़ फसल डूब गई। 5 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। यहां से 39 KM के रास्ते में करनाल तक यमुना का 3 जगह बांध टूटा। करनाल से पानीपत के बीच में बहाव अधिक होने से दो जगह बांध टूटा।

हरियाणा में संत नगर से घग्गर की एंट्री होती है। यहां से पंचकूला, अंबाला, कैथल होते हुए फतेहाबाद, सिरसा तक पहुंचती है। इस नदी ने पंचकूला में 40 से ज्यादा गांव प्रभावित, 2 हजार एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं अंबाला में शंभू बॉर्डर पास बांध टूटा। कैथल में भी नदी ने काफी नुकसान किया। फतेहाबाद में 5 गांव बाढ़ प्रभावित हैं, यहां 2 हजार एकड़ फसल को नुकसान हुआ है। सिरसा में आज घग्गर से बाढ़ का खतरा बना हुआ हैहै

हरियाणा में बाढ़ से चौथे दिन भी राहत नहीं मिल पाई। राज्य के अभी भी 11 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अंबाला, फतेहाबाद, फरीदाबाद, पंचकूला, झज्जर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, सोनीपत और यमुनानगर शामिल हैं। इन जिलों में 854 गांवों में अभी पानी खड़ा हुआ है। 

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