करनाल के इंद्री और घरौंडा में पांचवें दिन भी बाढ़ का कहर जारी है। शुक्रवार को पानी ने कुंजपुरा क्षेत्र के करीब 10 गांवों को चपेट में ले लिया है। हथिनी कुंड बैराज से इस समय करीबन सवा लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। हालात यह है कि करनाल सिटी से अब बाढ़ का पानी महज 6 किलोमीटर दूर है। अगर ये पानी शहर में घुसा तो रिहाशी क्षेत्र में बड़ी तबाही आ सकती है। राहत की बात यह भी है कि यमुना का जलस्तर कुछ मीटर कम हुआ है।

लेकिन प्रशासन व सेना द्वारा अब तक गढ़पुर टापू व मूसेपुर-समसपुर के टूटे बांध को ठीक नहीं किया जा सका है। यमुना से सटे करीब 33 गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जिनसे निपटने के लिए शासन व प्रशासन जद्दोजहद कर रहा है।
वही लोगों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा पशुओं के लिए भी चारे की समस्या पैदा हो चुकी है। फसल और पशुओं का चारा बर्बाद हो चुका है
जिला प्रशासन ने बाढ़ के हालतों को देखते हुए जिले के 72 गांवों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। इनमें करनाल ब्लॉक के 20, कुंजपुरा ब्लॉक के 31 और घरौंडा ब्लॉक के 22 गांव हैं। इन सभी गांवों में बाढ़ का पानी आने की संभावना है।
एहतियात के तौर पर पंचायतों की तरफ से इन गांवों में निरंतर मुनादी कराई जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि स्थिति से निपटने के लिए उनकी तैयारी मुकम्मल हैं। आमजन को भयग्रस्त होने की जरूरत नहीं है बल्कि सचेत रहें।
गांव डबकोली में कल एक महिला करतों देवी की गड्ढे में डूबने से मौत हुई थी। वहीं दूसरी और गुरुवार को डेरा हलवाना में एक मकान गिर गया था। ग्रामीणों के अनुसार मकान के अंदर रह रहे चार बच्चों समेत आठ लोगों को ग्रामीणों द्वारा मलबे से सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं बाढ़ ग्रस्त सभी गांवों में ग्रामीणों के सामने पीने के पानी की समस्या आ रही है।
वहीं आर्मी की और टुकड़ियां लगातार, इंद्री, कुंजपुरा सहित जिले के अन्य बाढ़ ग्रस्त इलाकों को दौर का रही है। वहीं दूसरी और प्रशासनिक अधिकारी और NDRF की टीमें भी लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने में लगी हुई हैं। प्रशासन का दावा है जल्द ही गढ़पुर टापू व मूसेपूर-समसपुर
